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समर नीति: पाक-चीन गठजोड़ से मुकाबला के लिए भारत अमेरिका एक साथ

भारत-अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता
फाइल फोटो

भारत के खिलाफ पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ पिछले कई दशकों से सक्रिय है लेकिन भारत इसका मुकाबला करने के लिये दूसरे साथी देशों को खुलकर साथ लेने में हिचक रहा था। लेकिन चूंकि अब पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ खुलकर भारत की प्रादेशिक एकता औऱ सम्प्रभुता को चुनौती देने लगा है भारत के लिये यह जरूरी हो गया था कि अमेरिका के साथ पहले से चल रही सामरिक साझेदारी के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने की पहल करता। यह काफी अहम है कि भारत ने अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों के साथ टू प्लस टू वार्ता ऐसे मौके पर की है जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं लेकिन भारत ने सामरिक समझ और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए अमेरिका के साथ यह बैठक गत 27 अक्टूबर को भारत में आयोजित कर चीन और पाकिस्तान दोनों को यह संदेश दिया है कि भारत अकेला नहीं है औऱ भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान ने सांठगांठ का इस्तेमाल भारत की सम्प्रभुता पर चोट पहुंचाने के लिये किया तो भारत बिना किसी हिचक के इसका करारा जवाब देने के लिये तैयार है।





एक सच्चे सामरिक साझेदार का परिचय देते हुए ही अमेरिकी विदेश मत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने चीन के साथ चल रही सैन्य तनातनी में भारत का खुल कर अपना समर्थन देने का ऐलान किया। भारत और अमेरिका के रक्षा व विदेश मंत्रियों की टू प्लस टू वार्ता के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प का जिक्र करते हुए कहा है कि वहां 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने का उन्हें दुख है और वह ऐसे किसी भी खतरे से मुकाबला करने के लिये हमेशा भारत के साथ खड़े रहेंगे।

माइक पोम्पियो का दोनों देशों के रक्षा व विदेश मंत्रियों की वार्ता समाप्त होने के बाद यह कहना काफी अहम है कि वह भारत की सम्प्रभुता की रक्षा के लिये भारत की मदद को तैयार हैं। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने वाला बेका समझौता सहित पांच समझौतों पर परस्पर हस्ताक्षर के बाद उन्होंने कहा कि हाल में गलवान घाटी में जिन भारतीय सैनिकों ने शहादत दी उन्हें हमने अपनी श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर धोखे से वार किया जिसमें 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे। इस झडप में भारी संख्या में चीनी सैनिकों को भी जान गंवानी पडी लेकिन चीनी सेना ने इसकी सही जानकारी नहीं दी है।

माइक पोम्पियो ने कहा कि भारत की आजादी और सम्प्रभुता की रक्षा में मदद देने के लिये हमारा देश साथ खडा रहने को प्रतिबद्ध हैं। चीन की कडी निंदा करते हुए माइक पोम्पियो ने कहा कि ऊहान से फैली कोरोना महामारी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बारे में गहरी बहस छेड दी है। उन्होंने कहाकि हमारे नेता और लोग यह देख रहे हैं कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जनतंत्र, कानून का शासन , पारदर्शिता, नौवहन की आजादी और खुला व आजाद हिंद प्रशांत इलाके को पसंद नहीं करती है।

पोम्पियो ने कहाकि उन्हें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि न केवल चीनी कम्पुनिस्ट पार्टी बल्कि सभी ओर से पैदा खतरों और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये भारत और अमेरिका सहयोग के सभी जरुरी कदम उठा रहे हैं। यह अब और जरूरी हो गया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की दमनकारी, भ्रष्ट और शोषण करने वाली नीतियों से पैदा खतरों से बचने के लिये हम अपने लोगों की रक्षा के लिये आपसी सहयोग करें।

इस तरह भारत की धरती से भारत की सम्प्भुता की रक्षा में साथ देने का महाशक्ति अमेरिका का वचन देना भारत के लिये काफी अहमियत रखता है और इससे चीन के आक्रामक रुख का जवाब देने में भारत का मनोबल बढेगा।

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