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देश का प्यार और शाबाशी बढ़ाती है सेना का हौसला

दिनेश तिवारी

दिनेश तिवारी (वरिष्ट पत्रकार)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का दीपावली का पर्व सैनिकों के साथ मनाना एक ऐसा कदम है जो देश के रक्षाकर्मियों को प्रेरित और उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है। दीवाली के ऐन दिन सैनिकों के बीच इनकी मौजूदगी से जिस तरह का उमंग-उत्साह का वातावरण बना, उसने सेना के लिए दीप पर्व को खास बना दिया। निश्चय ही ऐसी पहल से बड़े व खास त्योहारों में घर-परिवार से दूर रहते इन सैन्यकर्मियों के चेहरों पर अभूतपूर्व खुशी छा जाती है और मानसिक संतोष मिलता है कि इन शीर्ष माननीयों के आने से मानो पूरा देश उनके साथ आ खड़ा हुआ है।





यूं तो प्रधानमंत्री ने पहले भी दीवाली का त्योहार सरहद की हिफाजत में पूरी शिद्दत के साथ लगे फौजियों के बीच मनाया है पर इस बार उन्होंने रोशनी का पर्व जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर स्थित गुरेज सेक्टर में मनाया। जवानों के बीच खुशियां बांटते, मिठाई खिलाते और उनकी हौसला अफजाई करते हुए उन्होंने दीपावली उत्सव को विशेष तो बनाया ही, परोक्ष रूप से उनके मनोबल को भी बढ़ाया। इस मौके पर उनका यह कहना कि सेना के जवान सीमा की रक्षा तो करते ही हैं लेकिन साथ ही वे इसलिए भी महान हैं कि हर मौके और हर मौसम में बड़े से बड़े त्योहारों में घर-परिवार से दूर रहकर अपने कर्तव्य पालन में डटे रहते हैं और चेहरे पर शिकन नहीं आने देते, सभी सेनाओं तथा अर्धसैनिक बलों के सुरक्षा कर्मियों में ऊर्जा व साहस की वृद्धि करता है। देश की प्रथम पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री का भारत के पूर्वी तट से 1300 किलोमीटर दूर अंडमान निकोबार में सैनिकों के बीच इस बार दीवाली मनाना सहयोग तथा शाबाशी का ही पर्याय है जो निश्चय ही जवानों में नई उमंग तथा ऊर्जा का संचार करेगा।

दरअसल आज दुनिया तथा पड़ोसी देशों के बदलते परिदृश्य में रक्षा के मामले में भारत की चुनौतियां बढ़ी हैं। साथ ही उसने घातक व कुशल सैनिक तंत्र भी विकसित किया है। और यह भी सही है कि देश में अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन लड़ाई केवल इनके सहारे नहीं, सैनिकों के मनोबल पर लड़ी जाती है। सैनिक का जज्बा ही दुश्मन की चुनौतियों का सामना करता है। इसके लिए चाहिए होता है देश का प्यार, सहयोग और शाबाशी। इसी की दरकार आज सेना को है। जब सेना यह समझती है कि मुसीबत हो या कोई त्योहार, हर मौके पर देश का प्रधानमंत्री और उनके महकमे का आला मुखिया उनके साथ है जब उनका सीना और चौड़ा हो जाता है और फिर वे दोगुने उत्साह से अपने कर्तव्य पालन में डट जाते हैं।

सेना के मौजूदा माहौल में प्रधानमंत्री-रक्षा मंत्री की दीपावली मनाने की इस पहल की तरह समूची सेना व अर्धसैनिक बल के शीर्ष अफसरों को भी ऐसे ही सक्रिय, सारगर्भित, सतर्कता भरे कदम उठाने की जरूरत है ताकि उनके अधीनस्थ काम करने वाले लोगों में उमंग भरी ऊर्जा का संचार हो और वे देश के लिए अपना कर्तव्य पालन मुस्तैदी से कर सकें। दीपावली का त्योहार भी जनमानस में इसी बात का तो संकेत देता है।

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