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बाढ़ पीड़ितों के लिए ‘देवदूत’ बने पूर्णिया के SP निशांत

एसपी निशांत तिवारी

पटना। बिहार में भयावह बाढ़ अब तक सैकड़ों जान लील चुकी है। बिहार के सीमांचल जिले अररिया और पूर्णिया में तो बाढ़ से हालात बेहद खराब हो गये हैं। राहत और बचाव कार्य में केंद्रीय एजेंसी से लेकर राज्य की एजेंसी तक जुटी हुई है लेकिन इस राहत कार्य में सबसे ज्यादा जिस शख्स का नाम उभर के सामने आया है वह नाम है पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक निशांत कुमार तिवारी का। एसपी निशांत बाढ़ से त्रस्त लोगों के बीच 24 घंटे मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं।





बाढ़ पीड़ित तो उन्हें देवदूत के रूप में देख रहे हैं। जिले के बेलगछी गांव के लोग बताते हैं कि गांव में राहत और बचाव कार्य नहीं पहुंच पाया था। किसी तरह उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक तक पहुंचाई। एसपी निशांत तिवारी 12 अगस्त से प्रतिदिन बाढ़ पीड़ितों के लिए बने राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को हर तरह की सहायता मुहैया करा रहे हैं। वे शिविरों में जाते हैं। पीड़ितों के लिए बन रहे खाने की क्वालिटी चैक करते हैं। इतना ही नहीं बाढ़ पीड़ितों के साथ खाना भी खाते हैं।

पूर्णिया के जिलाधिकारी पीके झा और एसपी निशांत मोटरसाइकिल पर सवार होकर साथ निकलते हैं और बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचते हैं। इन दोनों ऑफिसरों को अपने बीच पाकर बाढ़ से बेहाल लोगों को राहत मिलती है कि कोई तो जो उनके साथ खड़ा है। इन दोनों की मौजूदगी से लोगों को अपना कष्ट कुछ कम लगता है।

रविवार को एसपी निशांत ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया था। पूर्णिया के बायसी में स्वास्थ्य केंद्रों, टूट चुके पुल और सड़कों का भी जायजा लिया। एनडीआरएफ की टीम को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए। सोशल मीडिया में भी एसपी निशांत और जिलाधिकारी पीके झा दोनों के ही कामों को लेकर काफी तारीफें हो रही हैं। निशांत ने वर्ष 2015 में पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाला था। ‘मेरी पाठशाला’ के तहत वे अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य के पांच जिलों में वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से बाढ़ग्रस्त इलाकों में राशन पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से सात लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

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