Police

बंदूक रखने के मामले में सबसे आगे हैं उत्तर प्रदेश वाले

नई दिल्ली। अब इसे बंदूक प्रेम कह लीजिए या व्यक्तिगत सुरक्षा की जरूरत, पर तथ्य यह है कि हथियार रखने के सबसे ज्यादा लाइसेंस उत्तर प्रदेश के लोगों के पास हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 12.77 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास हथियार रखने के लाइसेंस हैं। यानी 12.77 लाख लोगों के पास कोई न कोई हथियार है। हालांकि ज्यादातर लाइसेंस बंदूकों के हैं। बंदूक के लाइसेंसों के मामले में उत्तर प्रदेश अव्वल है। देश का कोई भी राज्य इस मामले में उत्तर प्रदेश के आसपास नहीं है। एक मोटे आंकड़े के मुताबिक देश के हथियार लाइसेंसों में से 38 फीसदी उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश में 12,77,914 लोगों के पास हथियार का लाइसेंस है और यह आंकड़ा भी 31 दिसंबर 2016 तक का है। ज्यादातर लोगों ने लाइसेंस लेने के लिए वजह व्यक्तिगत सुरक्षा बताया है। वैसे देशभर में जारी बंदूकों के लाइसेंस की संख्या 33,69,444 है।





उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा नंबर आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर का आता है। जम्मू-कश्मीर में 3.69 लाख लोगों के पास लाइसेंस हैं। पंजाब में लाइसेंसों की संख्या 3,59,349 है। पंजाब में ज्यादातर लाइसेंस 1980 और 90 के दशक में जारी किए गए। उस वक्त पंजाब में आतंकवादी गतिविधियां जोरों पर थीं।

मध्य प्रदेश में भी दो लाख से ज्यादा लोगों के पास बंदूक का लाइसेंस है। मध्य प्रदेश में 2,47,130 लोगों के पास लाइसेंस है। हरियाणा (1,41,926), राजस्थान(1,33,968) और कर्नाटक (1,13,631) में भी एक लाख से ज्यादा लोगों के पास बंदूक का लाइसेंस है।

सबसे कम लाइसेंस केंद्र शासित प्रदेशों दमन और दीव तथा दादरा और नागर हवेली में हैं। दोनों ही जगह सवा सौ-सवा सौ लोगों के पास लाइसेंस हैं।

महाराष्ट्र में 84 हजार 50 लोगों के पास बंदूक का लाइसेंस है। हिमाचल प्रदेश में यह आंकड़ा 77,069 पर जाकर ठहरता है तो उत्तराखंड में 64,770 पर। गुजरात और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 60,784 और 60,525 लोगों के पास लाइसेंस है। दिल्ली में बंदूक रखने वाले लोगों की संख्या 38,754 तो नगालैंड में 36,606 है। अरूणाचल प्रदेश में 34,934 तो मणिपुर में 26,836 लोगों के पास हथियार का लाइसेंस है। तमिलनाडु और ओडिशा में भी बीस हजार से ज्यादा लोगों के पास हथियार का लाइसेंस है।

Comments

Most Popular

To Top