Paramilitary Force

अर्धसैनिक बल के जवानों को भी मिलेगा सैनिकों जैसा दर्जा

सीआरपीएफ जवान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार अर्धसैनिक बलों से तमाम लंबित मांगों पर विचार करने के लिए जल्द ही हाई लेवल कमेटी गठित कर सकती है। तीन केंद्रीय मंत्रियों की कमेटी अर्धसैनिक जवानों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने संबंधी सभी लंबित प्रस्तावों पर भी ध्यान केंद्रीत कर सकती है।





सरकार जिन प्रस्तावों पर विचार कर रही है, उनमें पैरामिलिट्री सर्विस को ‘संगठित सेवा कैडर’ का दर्जा देना भी है। जिससे ऑफिसरों को वक्त पर प्रमोशन और सैलरी में इजाफा का फायदा मिलेगा। 7वें वेतन आयोग ने भी पैरामिलिट्री सैन्यकर्मियों की दशा सुधारने की दिशा में कई सिफारिशें की थीं। जानकारों के अनुसार सरकार पैरामिलिट्री के लिए शहीद का दर्जा देने संबंधित प्रस्ताव पर विचार सकती है। इससे नक्सल के खिलाफ या देश के भीतर दुश्मनों से लड़ते हुए जान गंवाने वाले पैरामिलिट्री जवान को भी शहीद का दर्जा दिया जा सकेगा। इसकी मांग अर्धसैनिक बल कई वर्षों से कर रहे हैं। देश में पिछले 10 साल में पांच हजार से अधिक पैरामिलिट्री जवान की मौत ड्यूटी पर हुई पर इन्हें सरकार ने शहीद नहीं माना। सूत्रों के मुताबिक इस दिशा में पीएमओ ने गृह मंत्रालय को विचार करने को कहा है।

हाल के दिनों में अर्धसैनिक बलों की तरफ से कठिन वातावरण का मुद्दा उठाया गया था। इस बारे में कुछ वीडियो भी सामने आए। अर्धसैनिक बलों में समय से पहले नौकरी छोड़ने की प्रवृत्ति कितनी तेजी से बढ़ी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक वर्ष में इसमें 400 फीसदी का इजाफा हुआ। ऐसे मुश्किल परिस्थिति के बीच सरकार ने इनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की पहल की है।

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