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स्पेशल रिपोर्ट: कोस्ट गार्ड के लिए 7वां तटीय गश्ती पोत हुआ लॉन्च

आफशोर पेट्रोल वेसेल हुआ लॉन्च

नई दिल्ली। भारतीय कोस्ट गार्ड के लिये प्राइवेट सेक्टर की कम्पनी लार्सन एंड टुब्रो द्वारा बनाए गए 7वें और अंतिम आफशोर पेट्रोल वेसेल मंगलवार को लांच किया गया। लार्सन एंड टुब्रो ने अपने कटुपल्ली स्थित यार्ड से कोस्ट गार्ड के लिये सात आफशोर पेट्रोल वेसेल बनाने का आर्डर लिया था। रक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च, 2015 को लार्सन एंड टूब्रो को इन 07 पोतों के निर्माण का ठेका दिया था।





इस तटीय पोत के लिये काफी शुभ वक्त था क्योंकि पोत ने अब पूरी जिंदगी पानी में बिताने के लिये पहली बार जल को छुआ। गहन परीक्षण और मशीनरी की कार्यप्रणाली की जांच के बाद यह पोत अगले साल मार्च में कोस्ट गार्ड की सेवा में शामिल होगा।

इस मौके पर कोस्ट गार्ड के महानिदेशक के नटराजन और कोस्ट गार्ड रीजन ईस्ट के इंस्पेक्टर जनरल एस परामेश अपने आला अधिकारियों के साथ मौजूद थे। भारत सरकार ने मेक इन इंडिया नीति के तहत प्राइवेट सेक्टर की कम्पनी को यह ठेका दिया था। कोविड महामारी के बावजूद इश पोत को वक्त से पहले बनाकर लांच किया जा सका है।

यह आफशोर पेट्रोल वेसेल 98 मीटर लम्बा और 14.8 मीटर चौडा है। इसकी विस्थापन क्षमता 21 सौ टन है। यह पोत अधिकतम 26 समुद्री मील की गति से जा सकता है। इस पोत पर 30 मिमी. की 2A42 और 12.7 मिमी की तोप तैनात रहेगी। इस पोत पर दो इंजन वाला हेलीकाप्टर तेनात किया जाएगा। इस हेलीकाप्टर की मदद से गश्ती पोत बीच समुद्र में गश्ती बेहतर तरीके से कर सकेगा। इसके जरिये टोही भूमिका के अलावा खोज व राहत भूमिका भी निभाई जा सकेगी।

यह पोत दिन रात टोही भूमिका में तैनात रह सकेगा। इस दौरान यह आतंकवाद और तस्करी विरोधी भूमिका निभाएगा। इस पोत की जीवन अवधि 25 साल तक रहेगी। इस पोत पर 14 अफसरों सहित 102 स्टाफ तैनात रह सकेंगे।

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