CRPF

पुलवामा हमला: 14 फरवरी का वह काला दिन जब देश ने खोए अपने 40 जांबाज जवान

पुलवामा आतंकी हमला
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पिछले साल 14 फरवरी का वह भयावह दिन जब अपने वीर जवानों की शहादत पर पूरे देश की आंखों नम हो गई थीं। आत्मघाती हमलावर ने काफिले पर हमला कर दिया था। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवानों को देश ने खो दिया था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के 78 वाहनों का काफिला गुजर रहा था। हालांकि घाटी में आतंकी खतरों के मद्देनजर काफिले में चल रहे सभी सुरक्षाकर्मी सतर्क थे।





बता दें कि सड़क पर उस दिन भी सामान्य आवाजाही थी। सीआरपीएफ का काफिला पुलवामा पहुंचा ही था तभी सड़क के दूसरी तरफ से सामने से आ रही एक कार ने सीआरपीएफ के काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्कर मार दी। जैसे ही सामने से आ रही कार ने काफिले की बस में टक्कर मारी वैसे ही एक जोरदार धमाका हुआ जिससे पूरा देश दहल उठा। भारत के लिए 14 फरवरी का दिन काला दिन साबित हो गया।

धमाका इतना भीषण था कि हर तरफ धुएं का गुबार ही गुबार था। मंजर इतना भयावह और दर्दनाक था कि इसे देख पूरा देश रो पड़ा। पुलवामा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहीदों के शव इधर-उधऱ बिखरे पड़े थे। जिंदा बचे जवान अपने साथियों की तलाश में जुट गए। सेना ने फौरन राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायल जवानों को त्वरित उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। दूसरी तरफ तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गय़ा।

इस भयावह हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती हमलावर आतंकी आदिल अहमद डार था। वही उस कार को चला रहा था जिसमें कई किलो विस्फोटक रखे थे। इसने खुद को भी इस हमले में उड़ा लिया। घटना के तुरंत बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली।

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के ठीक 12 दिनों बाद 26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर दिया। इस एयरस्ट्राइक में भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले का बदला लिया और आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। मालूम हो कि सेना ने अब तक एक-एक कर पुलावामा हमले में शामिल सभी आतंकियों को मार गिराया।

 

Comments

Most Popular

To Top