CISF

CISF की अपने पेंशन धारकों के लिए नई पहल

जम्‍मू हवाई अड्डे की भी सुरक्षा में CISF
फाइल फोटो

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अधिकतम में विश्वास करता है, ‘एक बार-एक सीआईएसएफ आदमी’, निरन्तर ऐसा ही। सीआईएसएफ ने हमेशा सेवानिवृत्त बल कर्मियों को संगठन का आकर्षण केंंद्र माना है। इस दृष्टिकोण के अनुरूप, महानिदेश राजेश रंजन (सीआईएसएफ) के मार्गदर्शन में पेंशनरों के संपर्क में रहने और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म, वन स्टॉप सॉल्यूशन पर लाने के लिए ‘पेंशनर्स कॉर्नर’ ऐप बनाकर एक नई पहल की गई है। पेंशनरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीआईएसएफ द्वारा 28  अगस्त  को एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर एक इन-हाउस विकसित मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भूतपूर्व बल कर्मियों तक पहुंचने से देश के दूरस्थ स्थानों पर राष्ट्र की संपत्ति की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले कर्मियों के आत्म-सम्मान को प्रेरणा व बढ़ावा मिलेगी।





पेंशनर्स कॉर्नर’ वेब और एंड्रॉइड दोनों प्लेटफार्मों पर उपलब्ध होगा, जिसमें पेंशनरों को इस प्लेटफार्म पर अपने डेटा का उपयोग करने की सुविधा होगी। इस नई डिजिटल पहल के शुरू होने से पेंशनभोगी देश के भौगोलिक विस्तार में फैली सीआईएसएफ इकाइयों से जुड़ जाएंगे। निकटतम सीआईएसएफ इकाई में होने वाले महत्वपूर्ण अवसरों पर पेंशनरों को एसएमएस आमंत्रण भेजा जाएगा। इन-बिल्ट शिकायत निवारण तंत्र के अलावा, सभी महत्वपूर्ण परिपत्र जैसे नौकरी के अवसर और पेंशनभोगियों से संबंधित लाभ भी इस ऐप का इस्तेमाल करके हासिल किए जा सकते हैं।

अप्रत्याशित COVID की स्थिति से निपटने और कार्यालयों में कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सीआईएसएफ ने हाल ही में “ई-कार्यालय” वेब एप्लिकेशन लॉन्च किया था। इस एप्लिकेशन के माध्यम से सीआईएसएफ कार्यालयों में फाइलों की आवाजाही सुविधानुसार सुनिष्चित की जाती है। मौजूदा मानक के साथ -साथ डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा को भी अपनाया गया है। इस एप्लिकेशन को सीआईएसएफ  क्लाउड पर होस्ट किया गया है, जहां डेटा की सुरक्षा के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध हैं। इसके अलावा ई-कार्यालय की 24 घंटे सेवाओं को बनाए रखने के लिए एक डेटा रिकवरी साइट भी स्थापित की गई है।

गौरतलब है कि देश के भौगोलिक विस्तार और 1.6 लाख कर्मियों की नफरी में फैले सीआईएसएफ प्रतिष्ठानों के साथ पूरी तरह से कागज रहित कार्यालय तक की यात्रा आसान नहीं थी लेकिन सीआईएसएफ ने बल में प्रचलित 5 दशक पुरानी प्रणाली को बदलने की बड़ी चुनौती स्वीकारी।

अब कार्यालयों के बीच फाइलों की आवाजाही को डिजिटल रूप में परिवर्तित कर दिया गया है और फाइल प्रसंस्करण में देरी को भी कम कर दिया गया है, क्योंकि फाइलों को संषोधित करने के लिए कार्यालय में भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती है। यह उन अधिकारियों के लिए एक वरदान साबित हुआ है, जिनके पास कई कार्यालयों का प्रभार है, जो पहले फाइलों पर हस्ताक्षर करने के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय की यात्रा करते थे। राष्ट्रीय स्तर पर भी फाइल, सर्विस बुक्स और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों की आवाजाही के लिए कर्मियों की लगातार आवाजाही पर अंकुश लगाया गया है, जिससे सरकार को यात्रा भत्ता खर्च में भारी बचत हो रही है।

सीआईएसएफ के इस ‘ग्रीन इनिशिएटिव’ ने पर्याप्त मात्रा में सरकारी खर्च लगभग एक करोड़ की धनराशि को बचाया है। बाजार सर्वेक्षण में अपेक्षित ऐप को बनाने में अधिक समय एवं लागत शामिल थी। लागत और समय की बचत हेतु सीआईएसएफ बल मुख्यालय की तकनीकी शाखा द्वारा ऐप बनाने की चुनौती स्वीकारी की गई।

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