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शहादत पर गर्व है बेटी को, कहा- आतंकियों को चटाई धूल

शहीद ASI बृजकिशोर यादव

साहिबगंज (झारखंड)। मंगलवार को श्रीनगर BSF (सीमा सुरक्षा बल) कैंप पर आतंकी हमले में शहीद हुए ASI बृजकिशोर यादव (52 वर्ष) भागलपुर (बिहार) के लाल थे। एक दिन पहले सोमवार की रात साढ़े नौ बजे के आसपास उन्होंने अपनी बेटी से बात की थी और छठ पर्व पर छुट्टी लेकर घर आने को कहा था। टिकट का रिजर्वेशन भी करा लिया था लेकिन मंगलवार को उनकी शहादत की खबर पहुंची। खबर मिलते ही घर में हाहाकार मच गया लेकिन परिजनों को गर्व है कि उन्होंने और उनके साथियों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। बृजकिशोर की छोटी बेटी सुषमा को गर्व है कि उनके पिता ने शहीद होने से पहले आतंकियों को धूल चटा दी।





शहीद बृजकिशोर के बड़े भाई भी BSF में हैं

शहीद बृजकिशोर के बड़े भाई राजकिशोर भी BSF में हैं। वे भी ASI  हैं औऱ इन दिनों राजस्थान में तैनात हैं। आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे बृजकिशोर मूल रूप से भागलपुर में पीरपैंती के कमलचक गांव के निवासी थे। उन्होंने साहेबगंज में अपना घर बना लिया था और उनका परिवार यहीं रहता है। उनके परिवार में पत्नी लिपि यादव, बेटी संध्या, बेटी सुषमा और बेटा अभिषेक है। बड़ी बेटी संध्या की शादी हो चुकी है। जल्द ही छोटी बेटी की शादी करने की भी उनकी योजना थी। बेटा अभिषेक बैंगलुरू में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

सोमवार की रात बेटी से की थी बात

शहीद बृजकिशोर ने सोमवार की रात साढ़े नौ बजे के आसपास अपनी बेटी से बात की औऱ घर का हालचाल लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे छठ पर घर आ रहे हैं और उन्होंने ट्रेन का टिकट भी करवा लिया था। बीते अप्रैल में वह छुट्टी बिता कर गए थे। घर के परिजन खुश थे कि सब लोग एक साथ मिलकर त्योहार मनाएंगे। लेकिन अगले दिन सुबह साढ़े 11 बजे के आसपास BSF से उनके साथी गौतम का फोन आया कि आतंकवादियों से मोर्चा लेते हुए बृजकिशोर शहीद हो गए हैं।

वर्ष 1984 में भर्ती हुए BSF में

शहीद बृजकिशोर वर्ष 1984-85 में BSF में भर्ती हुए। शिलांग (मेघालय) में प्रशिक्षण के बाद पोखरण, जैसलमेर (राजस्थान) में उनकी पहली तैनाती हुई। इसके बाद तुरा (मेघालय) और कूच बिहार (पश्चिम बंगाल) के बाद वर्ष 2007 में वे श्रीनगर में तैनात हुए। पिछले दस वर्ष से वे यहीं अपनी सेवाएं दे रहे थे।

पूरा बिहार शहीद के परिवार के साथः नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृजकिशोर यादव की शहादत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा बिहार शहीद के परिवार के साथ है। उन्होंने ईश्वर से यादव के परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य रखने की शक्ति प्रदान रखने की प्रार्थना भी की। मुख्यमंत्री ने शहीद के आश्रितों को 11 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की।

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