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Special Report: गलवान झड़प से भारतीय नेतृत्व सकते में

भारतीय सेना के अधिकारी
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के गलवान नदी इलाके में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सेना के साथ सुनियोजित तरीके से मुठभेड़ करने की घटना में तीन भारतीय सैनिकों के मारे जाने से भारतीय सुरक्षा नेतृत्व सकते में है।





मंगलवार दिन भर राजधानी में तीनों सेना प्रमुखों औऱ प्रधान सेनापति की रक्षा मंत्री से गलवान झड़प से पैदा हालात से निपटने के मसले पर चर्चा होती रही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मंगलवार को दिन भर बैठकों का सिलसिला चलता रहा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हालात की पूरी जानकारी दी और चीनी सैनिकों द्वारा की जा रही भड़काने वाली कार्रवाई के जवाब में उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया गया।

जहां चीन के विदेश मत्री वांग ई ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया और शांति व स्थिरता को भंग किया है भारतीय विदेश मंत्रालय देर शाम तक जवाबी बयान देने में उलझा रहा।

माना जा रहा था कि भारत औऱ चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिये दोनों के बीच सकारात्मक सहमति बन चुकी है इसलिये भारतीय राजनयिक और सामरिक हलकों में हैरानी हो रही है कि चीनी सेना ने ऐसे मौके पर युद्ध छेडने जैसी भडकाने वाली कार्रवाई क्यों की।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछली बार बडी झड़प साल 1967 में सिक्किम के नाथु ला इलाके में हुई थी, इसके बाद 1975 में चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश के सीमांत इलाके में गश्ती कर रहे भारतीय सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया था जिसमें चार भारतीय. सैनिक मारे गए थे।

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