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स्पेशल रिपोर्ट: कोरोना के मद्देनजर DRDO ने बनाए नये सेनेटाइज उपकरण

सैनेटाइजर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। मेडिकल कर्मियों के लिये बायो सूट बनाने के बाद रक्षा शोध एवं विकास संगठन (डीआरडीओ ) ने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के लिए नये उपकरणों का विकास किया है।





दिल्ली पुलिस को तत्काल प्रयोग करने के लिए इन प्रणालियों के दो उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के स्वदेशी उपायों को तलाशने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के बीच डीआरडीओ ने विभिन्न आकार के क्षेत्रों को स्वच्छ/सैनेटाइज करने की तकनीक तैयार की है। अग्नि विस्फोट एवं पर्यावरण सुरक्षा केंद्र (सीएफईईएस) दिल्ली ने दो सैनेटाइज उपकरणों के दो विन्यास विकसित किए हैं। यह आग बुझाने में इस्तेमाल के लिए विकसित तकनीक से अलग उत्पाद है।

इसमें पीठ पर लगाकर किसी इलाके को स्वच्छ( सैनेटाइज ) करने वाले उपकरण शामिल है। दिल्ली स्थित सीएफईईएस ने अपने औद्योगिक साझेदार के साथ मिलकर एक कंधे पर ढो सकने वाला सैनेटाइज करने वाले उपकरण को विकसित किया है जिसे संदेहग्रस्त क्षेत्र को स्वच्छ करने के लिए एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइट (हाइपो) घोल के साथ शुद्धीकरण हेतु छिड़काव करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

DRDO  ने तैयार किया सैनेटाइजर

सफाई कर्मी इस यंत्र को अपनी पीठ पर लगा कर सैनेटाइज करने का काम कर सकते हैं। यह प्रणाली निम्न दबाव के साथ दोहरे तरल पदार्थ (हवा एवं कीटाणुनाशक तरल पदार्थ) के साथ मिलकर कार्य करती है जिससे बहुत अच्छी फुहार उत्पन्न होती हैं। यह प्रणाली 300 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र को कीटाणुओं से मुक्त बनाने में सक्षम है। इसे अस्पताल के स्वागत स्थल, डॉक्टर के कक्ष, सामान्य नागरिकों से संपर्क साधने वाले कार्यालय, गलियारा, रास्ते, मेट्रो तथा रेलवे स्टेशन और बस अड्डे इत्यादि को निस्संक्रामक बनाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

दूसरा उपकरण ट्रॉली पर लगाकर बड़े क्षेत्रों को सैनेटाइज करने वाला विकसित किया गया है।

इस संसथान ने अपने औद्योगिक साझेदार के साथ मिलकर एक उच्च क्षमता वाले स्वच्छ/सैनेटाइज करने वाले उपकरण को भी विकसित किया है। यह प्रणाली निम्न दबाव के साथ सिर्फ एक तरल पदार्थ ( कीटाणुनाशक तरल पदार्थ) से कार्य करती है जिससे बहुत अच्छी फुहार उत्पन्न होती हैं। यह प्रणाली 3,000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र को निस्संक्रामक बनाने में सक्षम है। इसमें 50 लीटर का टैंक लगाया जा सकता है और इससे 12 से 15 मीटर की दूरी तक छिड़काव कर सकते हैं। यह अस्पताल, मॉल, हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, आइसोलेशन सेंटर, कंवारनटाइन सेंटर और ज्यादा खतरे वाले क्षेत्रों को सैनेटाइज करने के लिए लाभदायक है।

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