DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: रक्षा मंत्री ने मास्को में कहा- आपसी भरोसा का माहौल बनाएं

मास्को पहुंचे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में भारत औऱ चीन के बीच चल रही सैन्य तनातनी के बीच मास्को का दौरा कर रहे राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री के साथ आपसी रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान के रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में कहा कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिये भरोसा और सहयोग का माहौल बनाए रखने की जरुरत है।





रक्षा मंत्री ने शांघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कि शांघाई सहयोग संगठन के इलाके में शांति व सुरक्षा के लिये भरोसा और सहयोग. अनाक्रमण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नियमों और प्रथाओं का आदर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह इलाका दुनिया की आबादी का 40 प्रतिशत से अधिक है इसलिये .यहां विश्वास का माहौल बनाए रखने की जरुरत है और एक दूसरे की संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण हल खोजने की जरुरत है। प्रधानमंत्री मोदी की सागर अवधारणा का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य अपने इलाके में सभी के लिये सुरक्षा और प्रगति होना चाहिये।

दुनिया द्वारा सामना किये जा रहे खतरों का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हमें इनसे निबटने के लिये संस्थागत क्षमता का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि जैसा कि आप सबको पता है भारत सभी रुपों और प्रकार में आतंकवाद की निंदा करता है और इसके प्रतिपादकों की भर्त्सना करता है। उन्होंने कहा कि भारत शांघाई सहयोग संगठन के आतंकवाद विरोधी कार्यों की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि साइबर क्षेत्र में इसने जो काम किया है उसकी भी भारत सराहना करता है। उन्होंने कहा कि शांघाई सहयोग परिषद द्वारा जिहादीकरण रोकने के लिये उग्रवादी प्रोपेगंडा के खिलाफ काम करने का फैसला अहम है।

रक्षा मंत्री शांघाई सहयोग संगठन, कामनवेल्थ आफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स और कलेक्टव सिक्युरिटी आर्गेनाइजेशन के रक्षा मंत्रियों की संयुक्त बैठक में भाग लेने मास्को गए हैं। इन संगठनों के रक्षा मत्रियों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सदस्य देशों को पारम्परिक औऱ गैरपारम्परिक खतरों – जैसे आतंकवाद, मादक दवाओं की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निबटने के लिये संस्थागत क्षमता मजबूत करने की जरुरत पर बल दिया।

गौरतलब है कि रक्षा मंत्रियों की इस बैठक में चीन और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री भी भाग ले रहे हैं। मास्को दौरे में रक्षा मंत्री से रूसी रक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि रूस पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई नहीं करेगा। मास्को में राजनाथ सिंह ने भारतीय दूतावास के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रक्षा मंत्री ने रूसी सशस्त्र सेनाओं के गिरजाघर और संग्रहालय परिसर का भी दौरा किया।

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