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स्पेशल रिपोर्ट: केंद्र सरकार ने किया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का विस्तार

असिफ इब्राहिम
खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख आसिफ इब्राहीम

नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) का विस्तार  किया है। विस्तारित बोर्ड में पूर्व राजनयिक अमर सिन्हा, खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख आसिफ इब्राहीम शामिल किये गए हैं। खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के पूर्व अफसर तिलक देवेश्वर को भी शामिल करने की रिपोर्ट है।





हालांकि सरकार ने उक्त आशय की जानकारी आधिकारिक तौर पर नही  दी है लेकिन यहां सूत्रों ने बताया कि सलाहकार बोर्ड के मौजूदा संयोजक पी एस राघवन को अब चेयरमैन का दर्जा दिया गया है।

गौरतलब है कि एनएसएबी के जिम्मे अंदरूनी औऱ बाहरी सुरक्षा, विदेशी मामले, विज्ञान और तकनीक और आर्थिक मामले के मसले  हैं। आम तौर पर इस बोर्ड की महीने में एक बार बैठक होती है जिसमें समसामयिक घटनाक्रम पर गहन चर्चा की जाती है औऱ सरकार को नीतिगत सुझाव दिये जाते हैं। इसके पहले गत जुलाई में बोर्ड के पुनर्गठन के वक्त रॉ के पूर्व अधिकारी एबी माथुर, लेफ्टिनेंट जनरल एस एल नरसिंहम और गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बिमल पटेल को शामिल किया गया था।

पिछले सलाहकार बोर्ड की  पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन अगुवाई कर रहे थे। एनडीए सरकार ने पिछले पुनर्गठन में एनएसएबी का आकार घटाकर चार कर दिया था। श्याम सरन की अध्यक्षता वाले बोर्ड में 14 सदस्य थे।

एनएसएबी के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों पर दीर्घकालीन नजरिये से नीतिगत सुझाव देना है। इसके सुझाव राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को भेजे जाते हैं। गौरतलब है कि एनएसएबी ने 2001 में भारत के परमाणु सिद्धांत का मसौदा तैयार किया था।  देश में पहली बार एनएसएबी का गठन 1998 में हुआ था और इसकी जिम्मेदारी के. सुब्रहमण्यम को सौंपी गई थी।

सुरक्षा के मसलों पर नीतिगत फैसले लेने के लिये राषट्रीय सुरक्षा परिषद को तीन स्तरीय ढांचा बनाया गया है जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इसके सचिव होते हैं। इसके अधीन एक सामरिक नीति दल (एसपीजी) होता है जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं। इसमें सम्बद्ध मंत्रालयों के आला अधिकारी, तीनों सेना प्रमुख, खुफिया ब्यूरो औऱ रॉ के प्रमुख शामिल किये गए हैं।

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