Jails

तिहाड़ में कैदियों का हुनर अब प्रगति मैदान मेले में..

कैदिया का हुनर हाट

नई दिल्ली। सलाखों के पीछे रहने वाले कैदियों का हुनर, कौशल और कारीगरी, प्रगति मैदान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बढ़-चढ़कर आगे दिख रही है। शनिवार को आम जनता ने मेले में लगे तिहाड़ जेल के तीनों स्टोलों पर कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की खरीदारी की और उनके कलात्मकता हो सराहा भी।





तिहाड़ जेल के महानिदेशक अजय कश्यप के मुताबिक भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हमें ‘हुनर हाट’ में आमंत्रित किया है। यहां पर कैदियों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है।

कैदियों द्वारा तैयार सामान

कैदियों द्वारा तैयार सामानों को खरीदते लोग

व्यापार मेले में दिल्ली प्रिजन ने तीन स्थानों-7 जी एच, हैंगर वन (दिल्ली पवेलियन) तथा हॉल- 18 में स्टाल लगाए जहां उत्पादों की बिक्री की जा रही है। उत्पादों में बेकरी, चादरें, शर्ट, दरियां, धूप-अगरबत्ती, पेठा सरसों का तेल आदि शामिल हैं। कुल 250 सेमी उत्पाद कैदी बनाते हैं।

कैदियों द्वारा तैयार सामान

कैदियों द्वारा तैयार किए गए सैकड़ों सामान बिक्री के लिए स्टॉलों पर

फिलहाल, तिहाड़ जेल में नौ उत्पाद इकाईयां हैं जहां 2,500 से अधिक कैदी उन्मुक्त वातावरण में लगन और मेहनत से काम कर उत्पाद को अंतिम मुकाम तक पहुंचाते हैं। इनमें से कुछ खास इकाईयां हैं- बेकरी, मसाला व पेपर यूनिट। मेले में यहां के बने सभी उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल मेले में तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बनाने के लिए वस्तुओं का प्रदर्शन-बिक्री की ही जा रही है। स्थाई तौर पर तिहाड़ जेल के कैदियों के उत्पाद तिहाड़ जेल, रोहिणी, कड़कड़डुमा, द्वारका, साकेत, तीस हजारी आदि कोर्ट परिसर तथा दिल्ली हाईकोर्ट में भी उत्पादों की बिक्री होती है और उससे कमाई होती है।

Comments

Most Popular

To Top