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बच्चों के चेहरे पर मुहर, मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

भोपाल। भोपाल सेन्ट्रल जेल में रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद कैदियों से मुलाकात करने आए दो बच्चों के चेहरों पर कथित रूप से जेल की मुहर लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मानवाधिकार आयोग के नोटिस देने के बाद मध्य प्ररदेश सरकार ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं।





फोटो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई

मध्य प्रदेश की जेल मंत्री कुसुम मेहदेले का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि रक्षा बंधन के दिन भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद परिजनों से मिलने गए जेल प्रशासन ने दो बच्चों के गालों पर मुहर लगा दी थी। वैसे यह मुहर सामान्यतया जेल में प्रवेश के दौरान कैदियों से मिलने के लिए आने वाले लोगों के हाथ पर लगाई जाती है। बच्चों के चेहरों पर मुहर लगी तस्वीर वायरल हुई तो मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया। आयोग ने जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जेल प्रशासन ने इस घटना को अनजाने में हुई गलती बताया है।

‘जान बूझकर नहीं लगाई गई मुहर’

भोपाल केन्द्रीय कारागार के अधीक्षक दिनेश नरगावे के मुताबिक ‘‘रक्षा बंधन के दिन लगभग साढ़े आठ हजार मुलाकाती जेल में बंद अपने परिजनों (कैदियों) से मिलने आते हैं। कुछ महिलाएं एवं लड़कियां बुर्का पहनकर आती हैं। इसलिए गलती से मुहर हाथ की बजाय गाल पर लग गई हो।’’ उनके मुताबिक इस तरह की मुहर मुलाकातियों के हाथ पर इसलिए लगाई जाती है, ताकि कोई कैदी भीड़ का फायदा उठाकर बाहर न निकल जाए।

बच्चों के चेहरे पर मुहर मानवाधिकारों का उल्लंघन

मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के के मुताबिक बच्चे एवं लड़की के चेहरे पर इस तरह जेल प्रशासन द्वारा मुहर लगाना मानवाधिकारों और बाल अधिकारों को उल्लंघन है। जनसंपर्क अधिकारी एलआर सिसोदिया के अनुसार, ‘‘मानवाधिकार आयोग ने जेल महानिदेशक को इस संबंध में नोटिस जारी करके उनसे सात दिन के अंदर जवाब मांगा है।’’

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