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हिजबुल को अमेरिका ने घोषित किया आतंकी संगठन

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नई दिल्ली। अमेरिका ने हिंसक वारदातों को अंजाम देने वाले हिजबुल मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित किया है। कश्मीर में आजादी की लड़ाई के नाम पर हिजबुल मुजाहिदीन हिंसक वारदातों करता रहता है।





अमेरिका के गृह विभाग की तरफ से बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में हिजबुल मुजाहिदीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन करार दिया है। हिजबुल को आतंकी संगठन घोषित करने बाद उसे प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। दो महीने पहले ही अमेरिका हिजबुल के मुखिया को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर चुका है।

अमेरिका के इस कदम का भारत ने स्वागत किया है और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई और मजबूत हो रही है तथा आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों के हौसले पस्त हो रहे हैं। अमेरिका के इस कदम से इस जंग को और अधिक बल मिलेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन को आतंकी हमले के लिए संसाधनों से उपेक्षित करने की कोशिश के तहत उसे आतंकी समूह घोषित किया गया है। इस फैसले के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली हिज्बुल की संपत्ति से जुड़े उसके हितों पर रोक लग जाएगी तथा अमेरिका का कोई भी व्यक्ति इस संगठन के साथ किसी तरह का लेनदेन नहीं कर सकेगा।

विदेश विभाग के मुताबिक आतंकवाद से जुड़ा घोषित होने से संगठन और व्यक्ति बेनकाब होते हैं और अलग-थलग पड़ जाते हैं तथा यूएस फाइनेंशियल अरेंजमेंट तक उनकी पहुंच समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही इस कदम से अमेरिका और दूसरी सरकारों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मदद मिलती है।

सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन के एक बड़े नेता के तौर पर सलाहुद्दीन या सैयद मो. यूसुफ शाह ने सितंबर 2016 में कश्मीर के मद्देनजर किसी भी शांतिपूर्ण समाधान को बाधित करने की कसमें खाई थी। उसने आत्मघाती हमलावरों को ट्रेनिंग देने और घाटी को भारतीय भारतीय बलों की कब्रगाह बनाने की कसम खाई थी।

उल्लेखनीय है कि साल 1989 में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने हिजबुल मुजाहिदीन का गठन कराया था। हिजबुल मुजाहिदीन के अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित होने के बाद पाकिस्तान की साजिश का पर्दाफाश हो गया।

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