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स्पेशल रिपोर्ट: कोरोना वायरस का श्रोत ऊहान नहीं- चीन

राष्ट्रपति शी जिनपिंग
फाइल फोटो

नई दिल्ली। कोविड-19 वायरस की उत्पति को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर चीन ने कहा है कि कोरोना वायरस का श्रोत चीन नहीं है और इसका नामकरण चीन से जोड़ कर नहीं किया जाए। यहां चीनी दूतावास की प्रवक्ता ची रोंग ने कोविड-19 को चीनी वायरस कहे जाने का तीव्र प्रतिवाद करते हुए कहा है कि कोरोना कोरोना वायरस की उत्पत्ति विज्ञान का विषय है जिसके पेशेवर और वैज्ञानिक मूल्यांकन की आवश्यकता है।





ची रोंग ने कहा कि भारत में कोविड-19 के संक्रमण से निबटने के लिये चीन भारत को मदद देने को तैयार है। उन्होंने इसके पहले भारत द्वारा ऊहान भेजी गई मदद के लिये आभार जाहिर किया।

ची रोंग के मुताबिक अमेरिका, यूरोप, चीन और जापान के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि कोविड-19 की उत्पत्ति के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं है। हालांकि चीन में ऊहान शहर ने सबसे पहले प्रकोप की सूचना दी थी, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस वायरस का स्रोत चीन है, जो COVID -19 का कारण बना।

ची रोंग ने कहा कि WHO और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने स्पष्ट सहमति दी है कि वायरस को किसी विशिष्ट देश, क्षेत्र या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और इस तरह के दोषारोपण को खारिज किया जाना चाहिए। 2009 में इन्फ्लूएंजा की महामारी उत्तरी अमेरिका में उत्पन्न हुई। डब्ल्यूएचओ ने इसे ‘उत्तर अमेरिकी फ्लू’ नहीं कहा। इसे अंततः ‘इन्फ्लुएंजा- ए वायरस उपप्रकार एच 1 एन 1’ नाम दिया गया था।

ची रोंग ने बताया कि यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का अनुमान है कि सितंबर, 2019 से शुरू होने वाले सीज़नल फ्लू से अब तक तीन करोड़ से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं और 20,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, और सीडीसी के निदेशक डॉ. रॉबर्ट रेडफ़ील्ड ने स्वीकार किया कि वास्तव में इनमें से कुछ कोविड-19 के थे। प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के हवाले से कहा- ‘नस्लीय भेदभाव और पूर्वाग्रह का बढ़ते हुए देखना शर्मनाक है क्योंकि हम COVID-19 महामारी से लड़ रहे हैं’ और ‘हमें जातिवाद और पक्षपात से हमेशा लड़ना चाहिए’।

ची रोंग के मुताबिक चीन और भारत ने कठिन समय के दौरान महामारी का सामना करने के लिए संचार और सहयोग और एक दूसरे को सहायता प्रदान की है। भारतीय पक्ष ने चीन को चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की है। भारतीय लोगों ने विभिन्न तरीकों से महामारी के खिलाफ चीन की लड़ाई का समर्थन किया है। हम उसके लिए प्रशंसा और धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

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