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स्पेशल रिपोर्ट: चीन को मिली एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली की दूसरी खेप

एस- 400 डिफेंस सिस्टम
फाइल फोटो

नई दिल्ली। रूस ने चीन को एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली के दूसरी खेप की डिलीवरी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इसी तरह की रूसी मिसाइल का सौदा भारत द्वारा रूस से करने पर अमेरिका  ने एतराज जताया है और भारत को धमकी दी है कि अमेरिका भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगा सकता है।





रूस द्वारा चीन को ऐसी एंटी मिसाइल की पहली खेप की सप्लाई  दो साल पहले ही हो गई थी। रूस ने इस तरह की एस-400 मिसाइलों की सप्लाई तुर्की को भी की है जो अमेरिकी अगुवाई वाले सैनिक संगठन नाटो का सदस्य देश है। रूस से एस-400 मिसाइलों का सौदा करने वाला चीन पहला देश था जिसने 2014 में छह एस-400 एंटी मिसाइलों का आर्डर किया था।

भारत ने सवा पांच अरब डॉलर की लागत से पांच एस-400 एंटी मिसाइलों का आर्डर दो साल पहले किया था जिसकी सप्लाई अगले साल से शुरू होने  की उम्मीद है। तुर्की की तरह चीन को भी रूस ने इन मिसाइल प्रणालियों की सप्लाई वक्त से पहले की है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने रूस से इस तरह की एंटी मिसाइल प्रणालियों के बढ़ते सौदों को रोकने के लिये एक घरेलू कानून कैटसा (काउंटरिंग अमेरिकन एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट) पारित किया है और भारत व तुर्की को चेतावनी दी है कि वह इन मिसाइल प्रणालियों का सौदा रद्द कर दे।.

लेकिन भारत ने अमेरिका से साफ कह दिया हैकि इन मिसाइलों का सौदा रद्द नहीं हो सकता। अमेरिका ने कहा कि भारत को यदि ऐसी मिसाइलों की जरुरत है तो वह अमेरीकी पैट्रियट एंटी मिसाइल या थाड मिसाइल प्रणाली हासिल करे।

ये एंटी मिसाइलें दुश्मन की हमलावर बैलिस्टिक मिसाइलों या लड़ाकू विमानों से आत्मरक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगी। ये एंटी मिसाइलें चार सौ किलोमीटर दूर से ही दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों या हमलावर लड़ाकू विमानों को आसमान में ही ध्वस्त कर सकती हैं।

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