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स्पेशल रिपोर्ट: घाटी का जायजा लेने के लिए राजदूतों का दूसरा जत्था श्रीनगर में

अंतर्राष्ट्रीय राजदूतों का जत्था

नई दिल्ली। पिछले अगस्त माह में जम्मू-कश्मीर के लिये भारतीय संविधान की धारा- 370 को निरस्त किये जाने के बाद भारत सरकार ने वहां के हालात अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रत्यक्ष दिखाने के इरादे से यहां तैनात विदेशी राजदूतों का दुसरा जत्था श्रीनगर और जम्मू भेजा।





12 और 13 फरवरी को तय इस दौरे में राजदूतों के दल को श्रीनगर और जम्मू के अलावा बारामुला का भी दौरा कराना था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से राजदूतों को बारामुला नहीं ले जाया सका। यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस आशय की रिपोर्टों की पुष्टि की। श्रीनगर में राजदूतों ने नागरिक समाज, युवा वर्ग, विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों, स्थानीय बिजनेस और राजनीतिक नेताओं, नागरिक प्रशासन औऱ स्थानीय मीडिया के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

राजदूतों के इस समूह में 25 देशों के राजदूत शामिल थे। ये राजदूत इन देशों के हैं- अफगानिस्तान, आस्ट्रिया, बुलगारिया, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, डोमिनिकन गणराज्य, यूरोपीयन यूनियन, फ्रांस, जर्मनी, गिनी, हंगरी, इटली, केन्या, किर्गिज गणराज्य, मैक्सिको, नामीबिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड, रवांडा, स्लोवाक गणराज्य, ताजिकिस्तान, योगांडा और उज्बेकिस्तान।

गौरतलब है कि राजदूतों का पहला दल पिछले महीने श्रीनगर औऱ जम्मू के दौरे पर भेजा गया था। चूंकि पहले दल में सभी देशों के राजदूतों को शामिल नहीं किया जा सका इसलिये राजदूतों का दूसरा जत्था भेजा गया।

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