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स्पेशल रिपोर्ट: ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार संधि की तैयारी

भारत-ब्रिटेन फ्लैग

नई दिल्ली। कोविड महामारी  और चीन के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अलगाव के आह्वानों के बीच भारत और चीन ने अपने आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को गहरा करने का संकल्प लिया है औऱ कहाहै कि  दोनों देश धीरे धीरे मुक्त व्यापार संधि करने की ओर बढ रहे हैं। चीन पर आर्थिक निर्भरता कम करने के इरादों के बीच ब्रिटेन और भारत के बीच आर्थिक सम्बन्धों के गहरा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।





 शुक्रवार को भारत और ब्रिटेन ने  कैबिनेट स्तर की 14 वीं आर्थिक व व्यापारिक समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में ब्रिटेन के  अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री लिज ट्रस और भारत के वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने अपने देशों की अगुवाई की। इस बैठक के दौरान ब्रिटेन ने उम्मीद दी है कि  ब्रिटेन के नई  वैश्विक शुल्क दर  की वजह से भारत को सालाना चार करोड पाउंड का लाभ होगा। गौरतलब है कि भारत और ब्रिटेन के बीच सालाना व्यापार बढ कर  24 अरब पाउंड हो गया है। ब्रिटेन में भारत अब दूसरा सबसे बडा निवेशक बन कर उभरा है।

 दोनों देशों के बीच 2018 के दौरान संयुक्त व्यापार  समीक्षा के बाद  दोनों देशों ने व्यापार में बाधाओं को दूर करने की कोशिश की है।  शुक्रवार की बैठक में भारत और ब्रिटेन के आला मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच व्यापार में अतिरिक्त बाधाओं को दूर करने का संकल्प जाहिर किया। ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री ने कहा कि  भारत  दुनिया की सबसे बडी अर्थव्यवस्थाओं में है जो आर्थिक ताकत का स्रोत  के तौर पर उभर रहा है। भारत के साथ व्यापार गहरा करने की व्यापाक सम्भावनाएं हैं। दोनों देशों ने अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं से परस्पर लाभ उठाने के लिये कदम उठाने की बात कही है।

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