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Special Report: टिडिड्यों से मिल कर लड़ने का पाक ने नहीं दिया जवाब

सीमा के पास पाकिस्तानी टिडि्डयां
फाइल फोटो

नई दिल्ली। ईरान और पाकिस्तान के बलुचिस्तान इलाके में लाखों की संख्या में टिड्डयों के लार्वा फूट रहे हैं जो जल्द की व्यस्क टिड्डियों का रुप धारण कर भारत-पाकिस्तान सीमा पर फसलों पर हमला कर सकते हैं। भारत ने इससे मिल कर लड़ने के लिये ईरान और पाकिस्तान से प्रस्ताव भेजा है लेकिन पाकिस्तान ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है हालांकि टिडिडयों से मुकाबले के लिये भारत और पाकिस्तान के बीच एक संस्थागत ढांचा पहले से मौजूद है जिसे सक्रिय करने के लिये भारत ने पाकिस्तान से कहा है।





गौरतलब है कि टिडि्डयों के हमले में फसलों को भारी नुकसान होता है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि रेगिस्तानी टिडिड्यों की भारी आबादी बलुचिस्तान के प्रजनन इलाके से भारत पाकिस्तान सीमांत इलाके की ओर उड़ान भर सकते हैं। टिडिड्यों से मुकाबले के लिये FAO क्षेत्रीय सहयोग को बढावा देता है। संगठन का मानना है कि मौजूदा साल में टिडिडयों का हमला एक बडी क्षेत्रीय चुनौती हो सकती है जिससे सभी क्षेत्रीय देशों को मिलकर लड़ना होगा। FAO द्वारा क्षेत्रीय देशों की वीडियो बैठक में आपसी सहयोग के मसले पर चर्चा करने के लिये भारतीय प्रतिनिधि कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने भाग लिया है।

भारत ने पाकिस्तान को प्रस्ताव किया है कि दोनों देश टिडिड्यों से मुकाबले के लिये संस्थागत ढांचा को सक्रिय करें। भारत ने टिडिड्यों से मुलाबले के लिये कीटनाशक मैलेथियोन की सप्लाई पाकिस्तान को करने की पेशकश की है। भारत ने कहा है कि आपसी सहयोग के जरिये न केवल उन देशों में टिडिडयों से निपटा जा सकता है बल्कि भारत भी इनसे मुकाबला कर सकेगा।

यहां भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान ने भारतीय पेशकश का जवाब दिया है लेकिन अभी देखना है कि पाकिस्तान कब अपने तंग विचारों वाले रवैये से ऊपर उठकर आपसी सहयोग का हाथ बढ़ाएगा । प्रवक्ता ने कोविड-19 से निपटने के लिये क्षेत्रीय पहल के दौरान पाकिस्तान के तंग रवैये की ओर ध्यान दिलाया है।

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