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स्पेशल रिपोर्ट: पाक को आतंक के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी- यूरोपीय संघ

भारत और यूरोपीय संघ

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से मुकाबला करने के लिये भारत औऱ यूरोपीय संघ साथ मिलकर सहयोग का दायरा बढ़ा सकते हैं। यहां यूरोपीय संघ के राजदूत उगो अस्तुतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग का बहुत अच्छा माहौल बना है। राजदूत ने कहा कि यह हमारी जरूरत है कि हम अपनी सामरिक साझेदारी को गहरा करें।





पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद पर नजर ऱखने वाले फाइनैंशियल टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के पालन के बारे में पूछे जाने पर राजदूत ने कहा कि वह यह उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान कानून का सम्मान करेगा और उसे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

28 सदस्य देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ भारत की सामरिक साझेदारी के बारे में यूरोपीय संघ के राजदूत अस्तुतो ने कहा कि दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को गहरा करने पर निरंतर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि महत्व की बात यह है कि यूरोपीय संघ औऱ भारत साइबर सुरक्षा और आतंकवाद के क्षेत्र में दुनिया को नेतृत्व प्रदान कर सकते हैं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक रिश्तों की बात करते हुए यूरोपीय राजदूत ने कहा कि भारत में फिलहाल 10 हजार यूरोपीय कम्पनियां सक्रिय हैं। इसके अलावा 50 हजार से अधिक भारतीय छात्र यूरोप में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष विकसित औऱ विकासशील देशों के संगठन जी- 20 के सदस्य हैं और दोनों मिलकर नई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर यूरोपीय संघ की भारतीय अधिकारियों से बातचीत हुई है राजदूत ने कहा कि कश्मीर पर यूरोपीय संघ के रवैये में कोई बदलाव नहीं हुआ है। नागरिकता विधेय़क पर भारत सरकार द्वारा पेश किये गए विधेयक के बारे में राजदूत ने कहा कि वह सोचते हैं कि इस विधेयक के जरिये किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और भारतीय संविधान की मौलिकता बनाई रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही मुक्त व्यापार वार्ता में कई जटिलताएं है हालाकि इस मसले पर दोनों पक्षों के बीच तकनीकी वार्ता चल रही है। दोनों पक्षों के बीच साल 2013 में भारत यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता को स्थगित कर दियागयाथा लेकिन साल 2014 में दोनों पक्षों ने तकनीकी वार्ता को मुक्त व्या वार्ता के मसले पर तकनीकी वार्ता जारी रखी गई है।

मुक्त व्यापार वार्ता को लेकर मुख्य अड़चनों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शुल्क और व्यापार के मसले को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है।

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