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स्पेशल रिपोर्ट: मालदीव के नये राष्ट्रपति पहले विदेश दौरे पर 16 को आएंगे भारत

पीएम मोदी मालदीव दौरे पर
फाइल फोटो

नई  दिल्ली। भारत के साथ अपने पारम्परिक रिश्तों को बहाल करने वाले अहम कदम के तहत मालदीव के नये निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहीम  मोहम्मद सालेह अपने पहले विदेश दौरे पर 16 दिसम्बर को भारत आएंगे। गौरतलब  है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 17  नवम्बर को राष्ट्रपति सालेह के शपथग्रहण समारोह में भाग लेने मालदीव गए थे। पिछले छह सालों में भारत के किसी नेता का यह पहला मालदीव दौरा था।





मालदीव के द्वीपों पर चीन की बढ़ती पदछाप के बीच मालदीव द्वारा फिर से भारत को अपनी दोस्ती बहाल करने के फैसले से भारतीय सामरिक हलकों में राहत की सांस ली जा रही है। मालदीव में ढांचागत विकास के लिये चीन द्वारा दिए गए कर्ज के बोझ से लदा मालदीव भारत से अपेक्षा कर रहा है कि भारत उसे कर्ज के संकट से उबारेगा। रिपोर्टों के मुताबिक मालदीव को मौजूदा वित्तीय साल में सरकारी खर्च चलाना भी मुश्किल होगा। इस लिये मालदीव ने भारत से 25  से 35  करोड़ डॉलर की तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति सालेह से बातचीत के बाद भारत वित्तीय सहायता का ऐलान कर सकता है।

गौरतलब है कि  2012  में  सत्ता से  हटाए गए राष्ट्रपति  मोहम्मद नशीद राष्ट्रपति सालेह के सलाहकार की भूमिका में हैं। राष्ट्रपति नशीद कई बार कह चुके हैं कि मालदीव चीन के कर्ज के बोझ से लदा हुआ है इसलिये मालदीव को चीनी ढांचागत विकास परियोजनाओं की समीक्षा करनी होगी। गौरतलब है कि मालदीव के पिछले राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने माले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का विकास कार्य भारतीय कम्पनी से छीन कर चीनी कम्पनी को दे दिया था।

इस आशय की भी रिपोर्टें थीं कि मालदीव की पिछली सरकार ने अपने कुछ द्वीपों को चीनी कम्पनियों को पर्यटन कम्पनियों को दे दिया था। इसके अलावा  चीनी नौसैनिक पोतों के भी मालदीव पहुंचने से भारत में चिंता पैदा हुई थी।

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