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स्पेशल रिपोर्ट: जाधव से भारतीय राजनयिक मिले

इमरान खान और कुलभूषण जाधव

नई दिल्ली। पाकिस्तानी सेना द्वारा तीन साल पहले  जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाए गए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान  ने शुक्रवार शाम  को भारतीय राजनयिकों से मिलने दिया। भारतीय नागरिक को दूसरी बार काउंसेलर मुलाकात की अनुमति मिली है।





यहां राजनयिक सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने यह अनुमति तब दी है जब जाधव को 20 जुलाई तक अपनी मौत की सजा की समीक्षा के लिये आग्रह करने  को कहा गया था।

 पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने दावा किया था कि कुलभूषण जाधव ने अपनी मौत की सजा के खिलाफ अपील करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक जाधव ने  समीक्षा याचिका के बदले दया याचिका दायर करने का आग्रह किया था। भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया था।  भारत ने आरोप लगाया था कि  पाकिस्तान की यह दलील इस बात का सबूत हैकि  वह अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश को लागू करने से बचने की कोशिश कर रहा है।

पिछले साल जुलाई में  हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तान से कहाथा कि कुलभूषण जाधव की मौत की सजा की समीक्षा करे और उसकी मौत की सजा को स्थगित करे।  अदालत ने भारत के इस कथन से सहमति जताई थी कि  भारतीय राजनयिकों को मिलने नहीं देकर पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया था।

 पिछले सप्ताह मीडिया से बातचीत में  पाकिस्तान के अटार्नी जनरल अहमद इरफान ने कहा था कि कुलभूषण जाधव से 17 जून को कहा गया था कि वह समीक्षा याचिका दायर करे लेकिन उसने अपनी दया याचिका को ही फिर दायर करने की बात कही।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तानी सैनिक अदालत ने एक छद्म मुकदमे में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी । वह आज तक पाकिस्तानी सेना की हिरासत में है।  साफ तौर पर जाधव पर यह दबाव डाला गया है कि वह दया याचिका ही दायर करे।  भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक जाधव पर यह दबाव डाला गया कि वह अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को लागू करने के अपने अधिकार की मांग नहीं करे।

गत मई में पाकिस्तान सरकार ने एक विधेयक पारित कर कहा कि पाकिस्तान का हाई कोर्ट सैनिक अदालत  द्वारा दी गई मौत की सजा की समीक्षा करने की अनुमति दी जाए। इस विवादास्पद विधेयक में यह भी कहा गया कि  यह याचिका भारतीय उच्चायोग या जाधव दवारा मनोनीत कोई प्रतिनिधि दायर कर सकता है।

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव नौसेना का एक अवकाश प्राप्त अधिकारी है। उसे मार्च, 2016 में पाकिस्तानी एजेंटों ने ईरान से पकड कर बलुचिस्तान में गिरफ्तार दिखाया । जाधव पर आरोप लगाया गया कि वह पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिये जासूसी कर रहा था।  भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहाथा कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था।

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