International

स्पेशल रिपोर्ट: हिंद महासागर में मारीशस का भरोसेमंद साझेदार है भारत

फाइल फोटो

नई दिल्ली। मारीशस की राजधानी पोर्ट लुई में भारत द्वारा निर्मित सुप्रीम कोर्ट भवन के दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के साझा उद्घाटन के बाद भारत ने कहा है कि इससे परिलक्षित होता है कि    हिंद महासागर के इलाके में भारत मारीशस का भरोसेमंद साझेदार है।





 विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक सागार( सिक्युरिटी एंड ग्रोथ  फार आल इन द रीजन) की अवधारणा के अनुरुप सुप्रीम कोर्ट भवन का भारत  द्वारा निर्माण  करना यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच भविष्योन्मुख साझेदारी को और मजबूत करते रहने को भारत प्रतिबद्ध है।

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मारीशस के प्रधानमंत्री  प्रविंद जगनाथ ने गुरुवार दोपहर इस नई इमारत का वीडियो कांफ्रेंस के जरिये साझा  उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारित के विकास सहयोग  रिश्तों में मानव केन्द्रित रुख केन्द्र बिंदु में रहता है। भारत और मारीशस के बीच   रिश्तों को मजबूत करने में  जन केन्दित ढांचागत परियोजनाओं  की विशेष भूमिका की बात करते हुए   प्रधानंमत्री मोदी ने कहा कि  यह भारत के विकास सहयोग के केन्द्र में है। मारीशस की जनता की उपलब्धियों  पर  भारत का गर्व जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  आने वाले सालों में भारत मारीशस  साझेदारी और मजबूत होगी।

मारीशस में ढांचागत परियोजनाओं  के विकास में भारत के योगदान की सराहना करते हुए मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगनाथ ने कहा कि  ये परियोजनाएं दोनों देशों के बीच नजदीकी रिश्तों की परिचायक हैं।   उन्होंने कहाकि भारत की मदद से सुप्रीम कोर्ट भवन का निर्माण मारीशस में ढांचागत परियोजनाओं के आधुनिकीककरण में एक मील का नया पत्थर  है। इससे मारीशस की न्याय व्यवस्था अधिक सक्षम और समावेशी होगी।

 दो करोड़, 82 लाख  डालर की लागत से बने आठ मंजिला सुप्रीम कोर्ट भवन के लिये भारत ने वित्तीय अनुदान दिया है।

Comments

Most Popular

To Top