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स्पेशल रिपोर्ट: भारत ने बनाई मारीशस के सुप्रीम कोर्ट की इमारत

मारीशस सुप्रीम कोर्ट
फाइल फोटो

नई दिल्ली। मारीशस की राजधानी पोर्ट लुई में भारत ने मारीशस के सुप्रीम कोर्ट की इमारत बना कर मारीशस को भेंट दिया है जिसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मारीशस के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त तौर पर उद्घाटन 30 जुलाई को करेंगे।





यहां विदेश मंत्रालय के मुताबिक उद्घाटन कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंस के जरिये होगा। इस मौके पर दोनों देशों की न्यायपालिका के सीनियर सदस्य मौजूद होंगे। इस भवन का निर्माण भारत की वित्तीय सहायता से हुआ है। पोर्ट लुई के अंदर भारत द्वारा बनाया गया यह पहला ढांचागत प्रोजेक्ट है। भारत द्वारा घोषित स्पेशल इकोनोमिक पैकेज के तहत मारीशस में पांच प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। साल 2016 में इसके लिये भारत ने साढे 35 करोड़ डॉलर के वित्तीय अनुदान की घोषणा की थी। सुप्रीम कोर्ट की इमारत का निर्माण वक्त से पहले और तय लागत से कम पर हुआ है।

दस मंजिली यह इमारत 47 सौ वर्ग मीटर में बनी है और इसमें 25 हजार वर्ग मीटर का बिल्ट अप एरिया है। आघुनिक डिजाइन और हरित गुणों वाली इस इमारत को ताप और ध्वनि से इनसुलेट किया गया है। गौरतलब है कि अक्टूबर, 2019 में मेट्रो एक्सप्रेस प्रोजेक्ट के फेज वन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। इसके तहत 12 किलोमीटर लम्बी मेट्रो लाइन बनी है। फेज-2 में 14 किलोमीटर की लाइन बनेगी।

इन ढांचागत प्रोजेक्टों के सफलता पूर्वक पूरा होने से इस इलाके में भारतीय कम्पनियों के लिये मौके पैदा हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत शहर के अंदर एक प्रमुख लैडमार्क होगी। इसके अलावा भारत ने पोर्ट लुई में सौ बिस्तरों वाला ईएनटी अस्पताल भी बनाया है। इन सहयोग कार्यक्रमों से भारत औऱ मारीशस के बीच दिवपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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