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स्पेशल रिपोर्ट: भारत ऑस्ट्रेलिया गहरा करेंगे समुद्री सहयोग

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मारीसन
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आपसी सामरिक साझेदारी के रिश्तों का स्तर ऊंचा कर इसे समग्र सामरिक साझेदारी का स्वरूप देने का फैसला किया है। भारत और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई पहली वर्चुअल समिट यानी ऑनलाइन शिखर बैठक के दौरान दोनों देशों ने आपसी सामरिक साझेदारी के रिश्तों को और गहराई देने के लिये हिंद प्रशांत इलाकों में सागरीय सहयोग का एक नया साझा घोषणा पत्र भी जारी किया ह। दोनों प्रधानंमत्रियों के बीच वार्ता के बाद समुद्री लाजिस्टिक्स समझौता भी किया गया है।





गौरतलब है कि भारत और आस्ट्रेलिया के बीच सालाना शिखर बैठक के लिये आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्काट मारीसन का गत मार्च में भारत आने का कार्यक्रम था लेकिन कोरोना महामारी की वजह से यह टल गया और दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपनी राजधानियों में ही बैठकर आन लाइन वीडियो के जरिये यह शिखऱ बैठक करने का फैसला किया था।

दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई इस शिखर बैठक में दूरगामी महत्व की कई सहमतियां हुई हैं जिसमें साझा हिंद महासागर से लेकर प्रशांत के इलाके तक आपसी सागरीय सहयोग को जमीन पर उतारने केलिये एक एक्शन प्लान के अनुरुप काम करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि हिंद प्रशांत इलाके में भारत और आस्ट्रेलिया उस चार देशों के क्वाड्रीलेटरल समूह के सदस्य हैं जिसमें जापान और अमेरिका भी साझेदार है। इस समूह के तहत सदस्य देश हिंद प्रशांत इलाके में शांति , सुरक्षा औऱ स्थिरता के लिये अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हैं। इस इलाके में चीन की विस्तारवादी हरकतों के मद्देनजर भारत का आस्ट्रेलिया के साथ मिल कर एक साझा समुद्री सहयोग का एक्शन प्लान पर काम करने का फैसला काफी अहम है।

साझा बयान में दोनों ने कहा है कि भारत और आस्ट्रेलिया हिंद प्रशांत इलाके में शांति व स्थिरता को बढावा देने के लिये साथ मिल कर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हैं। इस सागरीय इलाके में शांति व सुरक्षा को लेकर और पर्यावरणीय चुनौतियों के मद्देनजर साझा चिंताएं हैं। चीन का नाम लियि बिना साझा बयान में कहा गया है कि इसमें अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरुप समुद्री गतिविधियों का संचालन नहीं करना शामिल है। साझा बयान में कहा गया है कि ये गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरुप नहीं चलाई जाती हैं।

साझा बयान में कहा गया है कि दोनों देश अपने साझा हितों की रक्षा के लिये सुरक्षा सहयोग के लिये आस्ट्रेलिया – भारत साझा सहयोग ढांचा पर काम कर रहे हैं। इसके तहत दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच नियमित वार्ताएं होती हैं इसके तहत दोनों देशों के आला सुरक्षा अधिकारी रक्षा नीति वार्ता, भारत आस्ट्रेलिया समुद्री सहयोग वार्ता और नौसेनाओं के बीच स्टाफ वार्ता शामिल है। अपने साझा सागरीय इलाके में समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये दोनों ने नौसेनाओं के बीच सहयोग गहरा करने का भी संकल्प लिया है। इस इलाके में कानून का पालन करने वाली एजेंसियों के बीच भी सहयोग गहरा करने पर सहमति हुई है।

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