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स्पेशल रिपोर्ट: भारत और रूस ने मनाई सामरिक दोस्ती की 20वीं सालगिरह

रूसी राजदूत निकोलाई कुदाशेव
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। भारत और रूस ने आपसी सामरिक साझेदारी के रिश्तों की 20वीं सालगिरह यहां  7 और 8 मार्च को मनाई। इस मौके पर रूस और भारत के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये और आपसी सामरिक साझेदारी के रिश्तों की अहमियत के बारे में चर्चा की।





इस मौके पर रूसी राजदूत  निकोलाई कुदाशेव ने कहा कि भारत और रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खऱे उतरे हैं।  दोनों देशों के बीच परस्पर  समझ और आपसी विश्वास का रिश्ता बना है। सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर दोनों देशों के समान रूख हैं।

राजदूत ने कहा कि  साल 2020 के दौरान न केवल हम सामरिक साजेदारी के रिश्तों की 20वीं सालगिरह मना रहे हैं बल्कि  विशेष और विशिष्ट सामरिक साझेदारी के रिश्तों के उन्नत किए गए स्तर की दसवीं सालगिरह भी मना रहे हैं। राजदूत ने कहा कि  20 वीं सालगिरह के मौके पर आगामी नौ  मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूस दौरे की प्रतीक्षा की जा रही है।

राजदूत ने बताया कि साल 2020 भारत और रूस के बीच जनता स्तर पर सम्पर्क की स्थापना की 550वीं सालगिरह भी है। उन्होंने कहा कि साल 2020 कई सालगिरहों का साल है इसलिये भारत और रूस के रिश्तों के लिये विशेष अहमियत रखते हैं। राजदूत ने जानकारी दी कि  मौजूदा साल के दौरान 1941-45 के दौरान हुए ग्रैट पेट्रियाटिक वार  के दौरान नाजी जर्मनी की पराजय की 75वीं सालगिरह का साल भी है।

राजदूत ने बताया कि 550 साल पहले रूसी  सौदागर अफनासी निकतिन ने भारत का तब दौरा किया था जब  वास्को डी गामा भी भारत नहीं आया था। तब निकतिन ने  अतिसुंदर भारत देश के बारे में विस्तार से लिखा था।  उन्होंने बताया कि 80 साल पहले भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता रवींन्द्र नाथ टैगोर ने भी सोवियत संघ का दौरा किया था।

गौरतलब है कि सामरिक साझेदारी के रिश्तों के अनुरुप रुस ने भारत के सामरिक हितों को विश्व मंचों पर बचाने में अहम भूमिका निभाई है। रूस ने भारत को कई संवेदनशील शस्त्र  प्रणालियों की सप्लाई की है।

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