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स्पेशल रिपोर्ट: भारत-जापान के विदेश और रक्षा मंत्रियों की होगी टू प्लस टू वार्ता

जापान के रक्षा मंत्री और राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। भारत और जापान के  पहला टू प्लस टू डायलॉग यहां 30 नवम्बर को होगा। गौरतलब है कि इस तरह की टू प्लस टू वार्ता कुछ साल पहले भारत और अमेरिका के विदेश औऱ रक्षा मंत्रियों की भी शुरू हो चुकी है। भारत औऱ जापान के बीच होने वाली इस वार्ता के बाद भारत औऱ अमेरिका के बीच भी टू प्लस टू वार्ता अगले महीने के मध्य में वाशिंगटन में तय की गई है।





भारत और जापान के बीच टू प्लस टू डायलॉग शुरू होना दोनों देशों के बीच गहराते सामरिक रिश्तों का परिचायक है। इस वार्ता में दोनों देश राजनयिक औऱ सैन्य नजरिये से समान सामरिक चुनौतियों के विभिन्न मसलों पर चर्चा करेंगे।

इस टू प्लस टू वार्ता के एक पखवाड़े बाद ही भारत औऱ जापान के बीच सालाना शिखर बैठक होगी। इस शिखर बैठक के लिये जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे भारत दौरे पर आएंगे। इस शिखर बैठक के स्थान को लेकर विदेश मंत्रालय मौन है। 30 नवम्बर को होने वाली टू प्लट ट् वार्ता भारत जापान शिखर बैठक की जमीन तैयार करेगी।

गौरतलब है कि भारत औऱ जापान पिछले दशक के शुरू से ही आपसी सामरिक साझेदारी के रिश्तों को गहरा करने के मसलों पर चर्चा कर रहे हैं। हिंद प्रशांत इलाके में चीन के आक्रामक विस्तारवाद की नीति से भारत और जापान समान तौर पर चिंतित है। दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन के आक्रामक होते सैन्य तेवर के खिलाफ भारत और जापान अक्सर चिंता जाहिर करते रहे हैं। लेकिन दोनों देश इस बारे में खुल कर बोलने से कतराते रहे हैं।

इसके मद्देनजर चीन की भारत जापान टू प्लस टू वार्ता के नतीजों पर गहरी नजर होगी। भारत औऱ जापान ने हाल में सैन्य सहयोग औऱ आदान-प्रदान में भारी बढ़ोतरी की है और दोनों देश दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिये अंतरराष्ट्रीय सागरीय कानूनों का आदर करने की बात करते रहे हैं।

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