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Special Report: अमेरिकी प्रतिबंधों पर ब्रिक्स में होगी चर्चा

अमेरिकी कॉन्सेलर

नई दिल्ली। इस सप्ताह ब्राजील में 05 देशों के संगठन ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक मे अमेरिका द्वारा लगाए गए एकपक्षीय प्रतिबंधों के मसले पर चर्चा होगी।





गौरतलब है कि अमेरिका ने न केवल  ईरान बल्कि रूस के खिलाफ भी एकपक्षीय प्रतिबंध लगाए हैं और सभी देशों से कहा है कि ईऱान से खनिज तेल की खरीदारी नहीं करे। इसके अलावा अमेरिका ने रूस से रक्षा सम्बन्ध रखने औऱ सैनिक साज सामान खरीदने वाले देशों से भी कहा है कि यदि रूस से हथियार खरीदे तो अमेरिका उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाएगा। अमेरिका द्वारा चीन और अन्य देशों के खिलाफ  छेड़े गए व्यापार युद्ध पर भी चर्चा होगी।

अमेरिकी प्रतिबंधात्कम कदमों से ब्रिक्स के सदस्य देश प्रभावित हो रहे हैं लेकिन अमेरिका के इस एकपक्षीय कदम के खिलाफ अब तक कोई एकजुट कदम उठा नहीं सके हैं।

ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक होने के पहले यहां रूसी दूतावास में ब्रिक्स के तीन सदस्य देशों ब्राजील , रूस औऱ चीन के आला राजनयिकों ने साझा तौर पर मीडिया को सम्बोधित किया। रूसी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुशकिन ने कहा कि विदेश मंत्रियों के एजेडे में इस मसले पर भी चर्चा शामिल है। विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व राज्य मंत्री वी के सिंह करेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर घरेलू व्यवस्तताओं की वजह से ब्राजील नहीं जा सकेंगे।

ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक आगामी नवम्बर में ब्राजील की राजधानी  ब्राजीलिया में  होगी। इस शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी भाग लेगे।  मीडिया से बातचीत में चीन के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन ली पी च्येन ने कहा कि  ब्रिक्स के पांच सदस्य देश  समान किस्म की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

रूसी दूतावास के मिनिस्टर काउंसेलर रोमन बाबुशकिन ने कहा कि आज नियम आधारित विश्व व्यवस्था की बात की जाती है लेकिन यह कौन सी  नियम आधारित  व्यवस्था है जहां एकपक्षीय प्रतिबंध लगाए जाते हैं। ब्राजील के दूतावास के मिनिस्टर काउंसेलर ब्रेनो हरमान  ने कहा कि  इस साल की  ब्रिक्स शिखर बैठक में विज्ञान व तकनीक और आविष्कार, डिजिटल इकोनामी, अंतराष्टीय अपराध के खिलाफ लड़ाई, ब्रिक्स देशों के व्यावसायिक समूहों के बीच बेहतर आपसी तालमेल जैसे मसलों पर भी ब्रिक्स  के शिखर नेता विशेष फोकस करेंगे।

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