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Special Report: कोरोना- सार्क देशों के लिये भारत का पूरा कोष हुआ इस्तेमाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन( सार्क ) के 08 सदस्य देशों द्वारा कोरोना वायरस से साझा तौर पर निबटने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 05 दिनों पहले जो पहल की थी उसका सार्क के देशों ने भारी स्वागत किया है। कोविड- 19 वायरस से साझा तौर पर निबटने और सार्क के सदस्य देशों को जरूरी मदद मुहैया कराने के लिये भारत ने एक करोड़ डॉलर का जो कोष घोषित किया था उसके तहत सार्क के सदस्य देशों ने कई तरह की मदद भारत से मांगी है।





यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हए बताया कि सार्क देशों ने जो मदद भारत से मांगी है वह एक करोड़ डालर यानी करीब 75 करोड़ रुपये से अधिक की है जिसे भारत पूरा करेगा। सार्क देशों में मुख्यतः नेपाल और मालदीव ने भारत से कोविड- 19 वायरस से निबटने के लिये कई किस्म की चिकित्स्कीय सामग्री जैसे सर्जिकल मास्क, हाथ के दास्ताने, सेनीटाइजर आदि सप्लाई करने का आग्रह किया था जिसे भारत जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि गत रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्क के आठ सदस्य देशों के राष्ट्रप्रमुखों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंस आयोजित किया था जिसमें भारत द्वारा एक करोड़ डालर का कोष बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस दौरान सार्क के सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग करने का भी संकल्प लिया गया था। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच भी आपसी अनुभवों को साझा करने के लिये एक वीडियो कॉन्फ्रेंस जल्द करने का प्रस्ताव है।

इस सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मसला उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत की यह पहल कोरोना वायरस से निपटने के लिये परस्पर सहयोग स्थापित करने के लिये एक मंच स्थापित करने की थी जिसका पाकिस्तान ने दुरुपयोग किया है।

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