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स्पेशल रिपोर्ट:कोरोना का नाम चीन से जोड़ने का चीन ने विरोध किया

सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। चीन के ऊहान शहर से दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस का नाम चीन या ऊहान से जोडने का चीन ने विरोध  किया है। चीन ने उम्मीद जाहिर की है कि भारत इस तरह की तंग मानसिकता का विरोध करेगा।





यहां चीन के राजदूत  सुन वेईतुंग ने एक ट्वीट में कहा कि चीन के विदेश मंत्री वांग ई और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से हुई टेलीफोन बातचीत के दौरान  इस बात पर सहमति बनी  है कि वायरस को कोई लेबल नहीं दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय वायरस से निबटने के लिये एकजुटता दिखाएगा।  राजदूत ने कहा कि चीन पर वायरस का नाम लगाकर दाग लगाने की कोशिशें चीन को स्वीकार्य नहीं होगी और इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी असर पडेगा।

यहां चीनी दूतावास के मुताबिक चीन के विदेश मंत्री वांग ई और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को टेलीफोन पर बातचीत की और कोरोना वायरस से निबटने के लिये   दोनों देशों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की चर्चा की। कोरोना वायरस के  प्रकोप से निबटने के लिये भारत द्वारा उठाए गए कदमों की भी चीनी विदेश मंत्री ने सराहना की।  उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी कोरोना वायरस से समुचित तरीके से निबट लेंगे।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना वायरस को चाइनीज वायरस और अमेरिकी विदेश मंत्री  माइक पोम्पियो ने ऊहान वायरस नाम से जिक्र करने का चीन ने कड़ा विरोध किया था। हालांकि भारत में आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस को कोविड- 19 कहा जाता है लेकिन चीनी राजदूत ने भारत से कहा है कि वायरस को चीन के नाम से जोडकर बताने का विरोध करे।

चीनी राजदूत ने कहा कि भारत से मिली मदद के जवाब में चीन भी दोस्ताना पडोसी देश के नाते अपने अनुभव बांटने और अन्य तरह से मदद करने को तैयार है।  वांग ई ने कहा कि चीन और भारत दुनिया के ऐसे दो देश  हैं जहां की आबादी एक अरब से अधिक है।  चीन भारत के साथ अपना सहयोग जारी रखकर कोरोना वायरस से साझा तौर पर निबटने के लिये तैयार है।

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