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स्पेशल रिपोर्ट: ‘चीनी वायरस’ के खिलाफ बड़ी लड़ाई – ट्रम्प

ट्रंप और शी जिनपिंग
फाइल फोटो

नई दिल्ली।  संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75 वें साल के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहाकि  दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75 साल बादहम एक बार फिर एक बड़े वैश्विक संघर्ष में फंसे हुए हैं। हमने एक अदृश्य दुश्मन- चाइना वायरस- के ख़िलाफ़ एक बड़ी लड़ाई छेड़ रखी हैजिसने 188 देशों में अनगिनत लोगों की ज़िंदगी छीन ली है।





उन्होंने कहा कि चाइना वायरस  के खिलाफ लड़ाई के साथ हम अपने  उज्ज्वल भविष्य की कोशिश में लगे हुए हैंलेकिन हमें उस देश को जवाबदेह ठहराना चाहिएजिसने इस प्लेग को दुनियाभर में फैलाया- और वो है चीन।

वायरस के शुरुआती दिनों में चीन ने घरेलू स्तर पर आने-जाने पर रोक लगा दीलेकिन उसने विमानों को चीन से बाहर जाने दिया और दुनिया को संक्रमित किया।

जब मैंने चीन पर यात्रा पाबंदी लगाईतो चीन ने इसकी आलोचना कीजबकि ख़ुद चीन ने घरेलू उड़ानों को रद्द किया और अपने नागरिकों को उनके घरों में बंद रखा।

चीन की सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने- जिस पर वास्तव में चीन का नियंत्रण है- ये झूठी घोषणा की कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण फैलने का कोई सबूत नहीं है। बाद में उन्होंने फिर लोगों से झूठ बोला कि बिना लक्षण वाला व्यक्ति बीमारी को नहीं फैलाएगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहाकि संयुक्त राष्ट्र को चीन को उसके क़दमों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वो लोगजो चीन के अनियंत्रित प्रदूषण की अनदेखी करते हुए अमेरिका के असाधारण पर्यावरण रिकॉर्ड पर हमला करते हैंउन्हें पर्यावरण में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे सिर्फ़ अमेरिका को दंडित करना चाहते हैं और मैं इसके लिए खड़ा नहीं होऊँगा।

 ट्रम्प ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र को एक प्रभावी संगठन बनना हैतो उसे दुनिया की वास्तविक समस्याओं की ओर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसमें आतंकवादमहिलाओं का उत्पीड़नज़बरन श्रमड्रग तस्करीमानव और सेक्स के लिए तस्करीधार्मिक उत्पीड़न और धार्मिक अल्पसंख्यकों का सफ़ाया शामिल है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा मानवाधिकार के क्षेत्र में अगुआ रहेगा। मेरा प्रशासन धार्मिक स्वतंत्रतामहिलाओं के लिए अवसरसमलैंगिकता को अपराधमुक्त करनामानव तस्करी का मुक़ाबला करना और अजन्मे बच्चों की सुरक्षा के काम को आगे बढ़ा रहा है।

 उन्होंने कहा कि हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और कोई इसके आसपास भी नहीं है। हम ये भी जानते हैं कि अमेरिका की समृद्धि पूरी दुनिया में स्वतंत्रता और सुरक्षा का आधार है। तीन वर्षों के कम समय में हमने इतिहास में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था खड़ी की और हम फिर तेज़ी से इसी रास्ते पर हैं। हमारी सेना का आकार काफ़ी बढ़ा है। हमने पिछले चार वर्षों में हमारी सेना पर 2.5 ट्रिलियन डॉलर ख़र्च किए हैं।

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