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स्पेशल रिपोर्ट: ईरान से लौटे नागरिकों के लिये सेना ने खाली किये अपने बैरक

फाइल फोटो

नई दिल्ली। पिछले महीने ईरान से जिन 1,036 भारतीय तीर्थयात्रियों को कोरोना जांच के लिये जैसलमेर और जोधपुर के सेना के क्वारांटाइन शिविरों में ठहराया गया था उनकी चिकित्सा और देखभाल के लिये सेना ने अपने बैरक खाली कर दिये थे। इन भारतीय नागरिकों को तीन बैचों में भारत लाया गया था। इनकी स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें 14 दिनों के लिये क्वारानटाइन किया गया था।





सेना इन क्वारानटाइन केन्द्रों को आर्मी वेलनेस फेसिलीटी कहती है। क्रवारानाटाइन की अवधि समाप्त होने के बाद नागरिकों को जोधपुर के एम्स असप्ताल भेजा गया जहां इनका गहन परीक्षण हुआ। इसके बाद 236 में से 15 में कोविड-19 वायरस के लक्षण पाए गए । इसके बाद इन्हें 29 मार्च को एम्स में भेज दिया गया। यहीं 53 छात्रों के परीक्षण के बाद कोरोना निगेटिव पाए गए। इन्हें जल्द ही इनके घरों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इस अस्पताल में लाए गए दूसरे बैच के 195 नागरिकों में से दो के नतीजे पाजीटिव थे।

जोधपुर आर्मी वेलनेस फेसिलिटी में बेजे गए 552 में से 19 के नतीजे पाजीटिव मिले। इन्हें जोधपुर के एम्स अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया है। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक भारतीय चिकित्सा शोध परिषद( ICMR) के निर्देशों के आधार पर बैच वन और बैच-तीन की क्वारानटाइन अविध तीन दिनों के लिये बढा दी गई है। इनसे संक्रमण और नहीं फैले इसके लिये उन्हें 25 से 50 के समूहों में रखा गया है। ईरान से आये इन कोराना शंकित नागरिकों की सेना के जवानों ने जिस तरह देखभाल की है उसकी व्यापक सराहना ईऱान से आए लोगों ने की है।

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