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स्पेशल रिपोर्ट: चीन के नजदीक पोत भेजकर अमेरिका ने भारत का दिया साथ

काला सागर में अमेरिका ने तैनात किए 2 युद्धपोत
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में चीन द्वारा भारतीय सीमा के भीतर अतिक्रमण करने और वहां सैन्य तैनाती कर भारतीय सेना को धौंस दिखाने की रिपोर्टों के बीच अमेरिका ने चीन पर सैनिक दवाब बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी नौसेना ने चीन के नजदीक दक्षिण चीन सागर के इलाके में अपने दो विमानवाहक पोतों को भेजकर चीन को संदेश दिया है कि वह अमेरिका के सामरिक साझेदार भारत के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई से बाज आए।





गौरतलब है कि चीन द्वारा भारतीय सीमा पर तनाव पैदा करने पर जापान और फ्रांस ने भी भारत का साथ देते हुए कहा है कि चीन एकपक्षीय सैन्य कार्रवाई नहीं करे। यहां मिली रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने अपने दो विमानवाहक पोतों यू एस एस निमित्ज और यू एस एस रोनाल्ड रेगन को दक्षिण चीन सागर के इलाके में युद्धाभ्यास करने के लिये भेजा है। दक्षिण चीन सागर में ही इन दिनों चीनी नौसेना भी एक बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है।

यहां सामरिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक अमेरिकी नौसेना वहां एक खुला और स्वच्छंद दक्षिण चीन सागर के अधिकार को बचाने के लिये युद्धाभ्यास कर रहा है। अमेरिका के दोनों विमानवाहक पोतों के साथ चार बड़े युद्ध पोत भी भेजे गए हैं। सूत्रों का कहना है कि दक्षिण चीन सागर के इलाके में चीनी और अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ही वक्त युद्धाभ्यास करना दुर्लभ होता है। अमेरिकी नौसेना के मुताबिक युद्धाभ्यास के जरिये अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इस समुद्री इलाके में कोई भी देश खुले तौर पर आवागमन और उड़ानें करने का खुला अधिकार रखता है। इस बारे में टिप्पणी करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा है कि वह अपने दक्षिण पूर्व एशियाई दोस्तों के साथ है। इस सागरीय इलाके पर चीन द्वारा गैरकानूनी तौर पर अधिकार जमाने का अमेरिका विरोध करता है।

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