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हाफिज सईद ने खुद को बताया समाजसेवी, UN में अपील कर कहा आतंकी लिस्ट से हटाओ नाम

लाहौर। लश्कर-ए-तैयबा के सरगना मोस्ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद ने यूनाइटेड नेशंस (यूएन) से आतंकी लिस्ट से अपना नाम हटाने की अपील की है। जमात-उद-दावा (जेयूडी) के मुखिया हाफिज की ओर से यूएन में इस सम्बन्ध में लाहौर की एक कानूनी फर्म के जरिए एक अर्जी लगाई गई है।





नजरबंदी के दौरान आई अर्जी

हाफिज ने आतंकियों की लिस्ट से अपना नाम हटाने की अर्जी ‘मिर्जा एंड मिर्जा’ नाम की फर्म की ओर से दाखिल कराई है। जब ये अर्जी दी गई उस दौरान हाफिज नजरबंद था। हाफिज के लिए अर्जी दाखिल करने वाले वकील नावेद रसूल मिर्जा हैं जो पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो में वकील तथा पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। खबरों के मुताबिक इस अर्जी में हाफिज ने खुद को एक समाज सेवी बताया है।

आपको बता दें कि जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र ने नवंबर 2008 में हुए मुबंई हमलों के बाद यूएनएससीटी-1267 (यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉलूशन) के तहत दिसंबर 2008 को एक वैश्विक आतंकी घोषित किया था। हाल ही में न्यायिक समीक्षा बोर्ड के आदेश के बाद हाफिज सईद को रिहा कर दिया गया है। पिछले हफ्ते इस मसले पर सुनवाई के दौरान प्रांतीय सरकार ने हाफिज सईद की नजरबंदी तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया।

एक करोड़ डॉलर का आतंकी

बता दें कि सईद ने पाकिस्तान में नजरबंदी से रिहा होते ही संयुक्त राष्ट्र में यह याचिका दायर की है। अमेरिका ने सईद के सिर पर एक करोड़ रुपए डॉलर का इनाम रखा है। 10 महीने तक नजरबंद रखे जाने के बाद उसे गुरुवार की मध्यरात्रि को रिहा कर दिया गया। शनिवार को अमेरिका  में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने शनिवार को कहा कि अमेरिका लश्कर-ए-तैयबा के नेता की नजरबंदी से रिहाई की कड़ी निंदा करता है और उसे फिर से गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ अभियोग चलाने की मांग करता है। सारा ने कहा कि अगर पाकिस्तान कानूनी तौर पर सईद को हिरासत में नहीं लेता है और उसपर उसके अपराधों के लिए मुकदमा नहीं चलाता है, तो पाकिस्तान की निष्क्रियता का असर द्विपक्षीय संबंधों और पाकिस्तान की वैश्विक साख पर पड़ेगा। उधर पाकिस्तान सरकार ने उसे किसी भी दूसरे मामले में हिरासत में न रखने का फैसला किया है।

फ्रांस ने जताई नाराजगी

संयुक्त राष्ट्र लश्कर के संगठन जमात-उद-दावा को पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है। सूत्रों की मानें तो फ्रांस ने हाफिज सईद को रिहा करने के पाकिस्तान के कदम पर नाराजगी जताई है। फ्रांसीसी अधिकारियों ने भारत के साथ मिलकर आतंकवाद से मुकाबला करने के प्रयास को जारी रखने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही है।

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