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सीमा पर चीन की दोबारा हरकत देख विदेश सचिव पहुंचे भूटान

एस जयशंकर

नई दिल्ली। डोकलाम के काले बादल छंटने के महीने भर के भीतर भूटान से सटे बॉर्डर पर चीनी सैनिकों की तादाद बढ़ाए जाने की खबर है। इसे देखते हुए विदेश सचिव एस. जयशंकर थिंपू गए हैं। डोकलाम के पास चीन ने तीन इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा किया है। विदेश सचिव जयशंकर चार दिनों की भूटान दौरे पर राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, प्रधानमंत्री सेरिंग टोबगे और विदेश मंत्री डेमचो दोरजी के अलावा भूटान के विदेश सचिव दाशो सोनम सोंग से मुलाकात की।





चीनी सैनिकों की तादाद बढ़ने की खबरों के बीच भारत स्थित संयुक्त राष्ट्र दूत मैरीके एल. कार्लसन बुधवार को थिंपू पहुंची। उन्होंने भूटान के पीएम सेरिंग टोबगे के साथ बैठक की। जयशंकर और कार्लसन का थिंपू दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैसे, डोकलाम विवाद खत्म होने के बाद स्थिति की समीक्षा को लेकर विदेश सचिव की भूटान यात्रा पहले से तय थी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अफसरों के मुताबिक, विदेश सचिव ने वहां के सीनियर नेताओं के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत की। दोनों पक्षों ने अपने-अपने परस्पर हित के क्षेत्रीय और अन्य मसलों पर भी विचार-विमर्श किया।

बता दें कि डोकलाम भारत-चीन और भूटान के बॉर्डर पर ट्राइ जंक्शन प्वाइंट है। भारत और चीन के बीच 2012 में सहमति बनी थी कि भारत, चीन और दूसरे देशों के साथ ट्राईजंक्शन सीमा विवाद को बातचीत से सुलझाया जाएगा। उधर, भूटान इसलिए चिंतित है कि सीमा विवाद को निपटाने के लिए अगले दौर की बातचीत में चीन दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

भूटान और चीन ने अगस्त 2016 में 24वें दौर की बातचीत की थी। 25वें दौरे की वार्ता इस साल होनी है पर चीन ने इसके लिए कार्यक्रम और तारीख तय करने को लेकर शांत बैठा है।

 

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