International

धरती पर गिरने वाला है ‘स्काईलैब’, 8 रोचक बातें

लगभग 38 साल पहले अमेरिकी अंतरिक्ष केंद्र ‘स्काईलैब’ के धरती पर गिरने की खबर से लोग डर गए थे। लेकिन अब फिर से कहा जा रहा है कि चीन द्वारा 2011 में अंतरिक्ष भेजा गया पहला ‘स्पेस स्टेशन’ कुछ ही महीनों में धरती पर गिरने वाला है। हावर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार यह अक्टूबर से लेकर अगले वर्ष अप्रैल तक कभी भी कही पर भी गिर सकता है आइये जानते हैं इससे जुड़ी कुछ और रोचक जानकारियां:





चीन का पहला अंतरिक्ष केंद्र

यह चीन द्वारा अंतरिक्ष भेजा गया पहला अन्तरिक्ष केंद्र है जिसका नाम तियानगोंग-1 है। शोधकर्ताओं के अनुसार यह अंतरिक्ष केंद्र पृथ्वी से तीन सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर आ गया है।

इतना भारी है यह 

तियानगोंग-1 की लम्बाई 10.4 मीटर है। इसका व्यास 3.35 मीटर है। इस अंतरिक्ष केंद्र का वजन 8,506 किलोग्राम है। इस केंद्र ने अक्टूबर 2017 तक पृथ्वी के कुल 34,479 चक्कर लगाए हैं।

2011 में हुआ था लांच

25 जनवरी को 2009 को चीनी नव वर्ष के मौके पर तियांगोंग-1 को पहली बार प्रदर्शित किया गया था। 29 सितम्बर 2011को इसे लोंग मार्च 2-एफ/जी रॉकेट से लॉन्च करके पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया था।

चार साल का था यह अभियान

तियानगोंग-1 को पहले दो साल के अभियान के लिए लेकिन 2013 शेनझु-10 अभियान के बाद इसे भविष्य में इस्तेमाल करने के लिए स्लीप मोड में डाल दिया गया। लेकिन इससे अंतरिक्ष संबंधी जानकारी मिलती रहती थी। बाद में मार्च 2016 में इसकी डाटा सर्विस को बंद कर दिया गया, जिसके कारण पिछले माह सितम्बर में इससे संपर्क टूट गया। अब यह अपनी कक्षा से लगातार नीचे गिर रहा है।

जमीन तक पहुंचेगा 100 किलो कचरा

चीन के मुताबिक इस भारी अंतरिक्ष केंद्र जब अगले कुछ माह में पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करेगा तो वह जल चुका होगा। लेकिन जलने के बाद भी इसका 100 किलोग्राम हिस्सा कचरे के रूप में जमीन पर गिरेगा। हालांकि, वैज्ञानिक इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाएं हैं कि यह विश्व के किस स्थान पर गिरेगा।

पहले भी धरती पर गिर चुके हैं अन्तरिक्ष केंद्र 

यह पहली बार नहीं होगा कि जब कोई अंतरिक्षकेंद्र धरती पर गिरेगा। इससे पहले भी अन्तरिक्ष केंद्र के जमीन पर गिरने से दुनिया सहम चुकी है। सल्युत-7 और ‘स्काईलैब’ विश्व के अलग-अलग शहरों में गिरे।

सल्युत-7

1982 में सोवियत संघ द्वारा लांच किये गए अंतरिक्ष केंद्र सल्युत-7 ने नियंत्रण खोने के बाद 7 फरवरी 1991 को पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश किया था। यह अर्जेंटीना के केपिटन बुर्मडेज शहर के ऊपर गिरा। हालंकि इसका कचरा प्रशांत महासागर में बिना आबादी वाले हिस्से में गिरा था।

स्काईलैब

स्काईलैब 1973 में अमेरिका द्वारा लांच किये गए पहले अंतरिक्ष केंद्र स्काईलैब ने 11 जुलाई 1979 को पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश किया। इसके धरती पर गिरने की आशंका से डर का माहौल बन गया था। इसका काफी बड़ा हिस्सा तो जल गया था लेकिन इसके बाकी कई हिस्से ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर पर गिरे थे।

Comments

Most Popular

To Top