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ताइवान को लेकर चीन पर कसता जा रहा है अमेरिकी शिकंजा

अमेरिका और चीन में ठनी
फाइल फोटो

ललित मोहन बंसल लॉस एंजेल्स से…

चीनी सेना ने ताइवान की ओर भी मोर्चा खोल लिया है। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ़ वू ने कहा है कि हांगकांग के बाद ताइवान डेमोक्रेटिक फ़्रंटलाइन पर हैं। ताइपे में डेमोक्रेटिक तौर तरीक़ों से चुनी गई राष्ट्रपति त्साई इंग वें की सरकार को अमेरिका सहित अनेक देशों से समर्थन मिल रहा है। 21से 28 सितंबर तक संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्ष गाँठ के मौक़े पर ताइवान के समर्थन में प्रयास हो रहे हैं। अभी जापान के नए प्रधान मंत्री होशिहिदे सुगा ने ताइवान से वाणिज्य संबंध बढ़ाए जाने पर ज़ोर दिया है। अमेरिकी सांसद टॉम टिफनी ने एक ओर जहाँ कांग्रेस में विधेयक प्रस्तुत कर ‘एकीकृत चीन’ नीति को ख़त्म किए जाने की वकालत की, वहीं उसी दिन न्यू यॉर्क में अमेरिकी राजदूत केली क्राफ़्ट ने ताइवान के ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक निदेशक के॰जे॰ ली से मैनहटन में भोजन पर सुखद चर्चा की है। यू एस सिनेटर रिक स्काट ने शुक्रवार को एक ताइवान पर चीनी हमले के बचाव में अमेरिकी सेनाओं की तैनाती को ले कर सीनेट में एक विधेयक पेश कर दिया है। इसी आशय का एक विधेयक टेड योहो ने निचले सदन में भी पेश किया है।





‘एकीकृत चीन’ नीति के चलते पेइचिंग के तेवर उस समय और उग्र हो गए जब पिछले शुक्रवार को चीनी वायुसेना के 19 लड़ाकू जेट और बमवर्षक विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य के बीच रेखा का पहली बार इतने बड़े स्तर पर हवाई अतिक्रमण किया। असल में चीनी वायु सेना की ओर से इतने बड़े स्तर पर हवाई अतिक्रमण का उद्देश्य ताइवान के साथ साथ अमेरिका को भी यह पैग़ाम देना था कि वह ‘आग’ के साथ न खेले।

जानकारों का मत है कि चीनी लड़ाकू विमान दो-दो में पहले भी ताइवानी जलडमरूमध्य पर उड़ान भरते हुए सीमा का अतिक्रमण करते रहे है। अमेरिकी व ताइवानी मीडिया की माने तो एकीकृत चीन नीति के तहत हांगकांग में डेमोक्रेटिक आंदोलन को कुचलने और चीनी वायुसेना के लगातार हवाई अतिक्रमण को मात्र बंदर घुड़की लेना उचित नहीं होगा। ताइवान रक्षा विभाग के अनुसार चीन की वायुसेना के दो एच-6बमवर्षक, आठ जे-16, चार जे-10 और चार जे-11 विमान थे, जो अलग-अलग दिशाओं से चीन और ताइवान के बीच जलडमरूमध्य की बीच की रेखा को पार कर ताइवान की दक्षिणी-पश्चमी सीमा में घुस आए थे। ताइवानी मिसाइल सुरक्षा तंत्र जब तक संभलता और उसे बार बार चेतावनी देने के साथ ताइवान के 17 लड़ाकू विमान चीनी विमानों का पीछा करते, तब तक चीनी विमान ‘भग’ लिए थे।

बता दें, चीन को आपत्ति है उसकी एकीकृत चीन नीति के विरुद्ध ताइवान को अमेरिका लड़ाकू विमान और शस्त्रों की आपूर्ति क्यों कर रहा है? अमेरिका ने ताइवान के साथ पिछले वर्ष आठ अरब डालर के 66 एफ-16 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की संधि की है तो हाल में चीन के साथ बिगड़ते रिश्तों को टेखते हुए ट्रम्प प्रशासन ने ताइवान को अस्त्र-शस्त्रों की एक नई खेप में टोही ड्रोन, आर्टीलरी बैटरीज, सी माइंस तथा मध्य दूरी की मिसाइलें बेचने का आश्वासन दिया है। इनमें एफ १६ लड़ाकू जेट विमानों से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें हैं। इस से चीनी वायुसेना क्रुद्ध है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ़िंग की नाराज़गी का एक कारण यह भी है कि एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक कीथ क्राच उनकी अनुमति के बिना दो दिवसीय दौरे पर ताइपे कैसे पहुँचा। इस पर ट्रम्प प्रशासन का कथन है कि उसे ताइवान जाने के लिए चीन से ‘एंट्री स्लिप’ लेने की ज़रूरत नहीं है। यों स्टेट विभाग में अंडर सेक्रेटरी कीथ क्राच ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग-हुई के शनिवार को औपचारिक ‘स्मारक सेवा’ कार्यक्रम के सिलसिले में आयोजित बैठकों की एक श्रृंखला में भाग लेने गए हुए हैं। पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग-हुई ने ताइवान में सैन्य शासन से लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस से पिछले महीने ट्रम्प का एक मंत्री एलेक्स एम॰ अजर द्वितीय ताइवान की यात्रा पर गए थे, तब भी चीन को नागवार गुज़रा था।

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