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अमेरिका ने रक्षा बजट 15 फीसदी बढ़ाया, भारत से बढ़ाएगा सहयोग

वाशिंगटन। अमेरिका ने उत्तर कोरिया से बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी संसद ने वर्ष 2018 के लिए 700 अरब डॉलर (45.5 लाख करोड़ रुपये) के  सालाना रक्षा बजट पर मुहर लगा दी। यानी अमेरिका ने अपने रक्षा बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी  की  है। निकटतम रक्षा सहयोगी के रूप में भारत से अपने संबंध मजबूत करने की बात भी कही गई है। वहीं बजट में पाकिस्तान को रक्षा सहायता देने पर कड़ी शर्तो का प्रावधान रखा गया है।





छह साल के सबसे बड़े रक्षा बजट को स्वीकृत करते हुए अमेरिकी संसद ने जता दिया है कि आने वाला वर्ष उसकी रक्षा नीतियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अमेरिकी इतिहास में वर्ष 2010 और 2011 में ही इससे ज्यादा रक्षा बजट रहा है। ‘द 2018 नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट’ (एनडीएए) नाम के बजट प्रस्ताव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई दक्षिण एशिया नीति के चलते आखिरी समय में कई बदलाव किए गए। इसके बाद ही इसे संसद के दोनों सदनों द्वारा ध्वनि मत से पारित किया गया।

निकटतम रणनीतिक साझीदार बनाया जाए भारत

एनडीएए ने साफ कहा है कि अमेरिका के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री भारत को बड़े रणनीतिक साझीदार की सामान्य परिभाषा से हटकर और बड़ी भूमिका में देखें। एनडीएए ने कहा है कि रक्षा मंत्रालय भारत को लेकर एक भविष्योन्मुखी रणनीति बनाए। इससे दोनों देशों के हितों और लक्ष्यों का ध्यान में रखते हुए रक्षा संबंधों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका ने वर्ष 2017 के बजट में भारत को बड़े रक्षा सहयोगी माना था। लेकिन अब संसद चाहती है कि इस दर्जे को निकटतम सहयोगी देश की हद तक आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास से लेकर सभी क्षेत्रों में सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए कहा गया है।

रक्षा मंत्री के प्रमाणन से पाकिस्तान को मिलेगा रक्षा सहयोग

एडीएए-2018 में पाकिस्तान के लिए 350 मिलियन डॉलर (2277 करोड़ रुपये) की रक्षा सहायता का प्रावधान किया गया है। लेकिन इसे अमेरिका के रक्षा मंत्री के प्रमाणन से जोड़ दिया गया है। जब आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई को अमेरिका के रक्षा मंत्री प्रमाणित करेंगे, तभी यह सहायता पाकिस्तान को दी जाएगी।

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