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कश्मीर में 15 लाख का इनामी हिज्बुल कमांडर मुठभेड़ में ढेर

हिज्बुल कमांडर यासीन यत्तू

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में हिज्बुल कमांडर यासीन यत्तू उर्फ महमूद गजनवी को ढेर कर दिया है। यासीन के साथ मारे जाने वाला एक आतंकी उमर पुलवामा में इस्लामिक यूनिवर्सिटी में एम.टेक का छात्र था और पिछले वर्ष ही आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। आतंकी यत्तू 12 आतंकियों की सूची में 15 लाख का इनामी आतंकवादी था। माना जाता है कि आतंकी बुरहान वानी को हिज्बुल मुजाहिदीन गुट से जोड़ने में इसी ने मदद की थी।





हिज्बुल कमांडर था आतंकी यसीन

यासीन बडगाम जिले के चाडूरा का रहने वाला था और साल 1997 में आतंकी संगठन ज्वाइन किया था। यासीन हिज्बुल मुजाहिदीन का चीफ ऑपरेशन कमांडर था। यासीन यत्तू को आतंकी बुरहान वानी का करीबी कहा जाता था। बुरहान और जाकिर मूसा के बाद यासीन घाटी में हिज्बुल की आतंकी गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा था। आतंकी जाकिर मूसा के अलकायदा में शामिल हो जाने के बाद हिज्बुल प्रमुख सलाउद्दीन ने उसकी जगह यासीन को चीफ ऑपरेशन कमांडर बनाया था।

मुठभेड़ में दो आतंकी शनिवार रात ही मारे गए और तीसरे को सुरक्षाकर्मियों ने रविवार सुबह ढेर किया। वहीं दो अन्य आतंकी पथराव की आड़ में भाग गए थे। शोपियां में आतंकविरोधी अभियान से लौट रहे सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों पर काकपोरा पुलवामा में हिंसक भीड़ ने पथराव किया। सुरक्षाकर्मियों ने पैलेट गन से फायरिंग की जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और 5 पुलिसकर्मी समेत 25 प्रदर्शनकर्मी घायल हो गए।

पूरे कश्मीर में सोमवार को स्कूल व कॉलेज बंद

फरवरी 2016 से सक्रिय बी श्रेणी का आतंकी इरफान उल हक शोपियां के मलडोरा का रहने वाला था और उस पर पांच लाख का इनाम भी था। वहीं यारीपोरा का रहने वाला उमर मजीद मई 2016 में सक्रिय आतंकी बना था। उस पर भी तीन लाख का इनाम था। आईजीपी कश्मीर मुनीर अहमद खान ने कहा कि हिज्बुल के ऑपरेशन चीफ कमांडर यासीन यत्तू के अलावा जिला कमांडर इरफान उल हक और उमर मजीद मारे गए हैं। पूरे कश्मीर में आज (सोमवार) स्कूल व कॉलेज बंद रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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