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सेना में इन पांच महिलाओं ने ऐसे दिखाई नई राह..

महिला ऑफिसर्स

देश के लिए कुछ कर गुजरने में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। हमारे देश की महिलाएं भी अपनी जान की बजी लगा हर मोर्चे पर पुरुषों से कंधे से कंधा मिला कर दृढ़ता से खड़ी रहती हैं। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे महिला शख्सियतों के बारे में जिन्होंने सेना से जुड़कर इतिहास में अपना नाम अमर कर सभी के लिए एक मिसाल कायम कर दीः





लेफ्टिनेंट जनरल पुनीता अरोड़ा

लेफ्टिनेंट जनरल पुनीता अरोड़ा

लेफ्टिनेंट जनरल पुनीता अरोड़ा

लेफ्टिनेंट जनरल पुनीता अरोड़ा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुचने वाली पहली भारतीय महिला है। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल पद के साथ ही पुनीता अरोड़ा भारतीय नौसेना में वाईस एडमिरल का पद पाने वाली भी पहली महिला है। इसके साथ ही पुनीता अरोड़ा, 2004 में आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज की पहली महिला कमांडेंट भी बनीं।

 एयर मार्शल पदमावती बंदोपाध्याय

पद्ममवति बंदोपाध्याय

पद्ममवती बंदोपाध्याय

सन 1968  में भारतीय वायु सेना में नियुक्ति पाने वाली पदमावती बंदोपाध्याय भारतीय वायु सेना में एयर मार्शल का पद हासिल करने वाली पहली महिला अफसर हैं। 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया गया था।

लेफ्टिनेंट कर्नल मधुमिता सिंह

मधुमिता-सिंह

मधुमिता सिंह

काबुल में 2010 में भारतीय सेना की इंग्लिश लैंग्वेज ट्रेनिंग टीम को मधुमिता सिंह लीड कर रही थी। उन्हें अचानक भारतीय दूतावास में आत्मघाती बम धमाका होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मधुमिता सिंह अपनी जान की परवाह न करते हुए बिना हथियार तक़रीबन 2 किलोमीटर दौड़ती हुई घटना स्थल पर पहुंची। वहां उन्होंने भारतीय सेना के ट्रेनिंग टीम के 19 अधिकारियों को मलबे से निकलवा कर अस्पताल पहुंचाया। इस अदम्य साहस और वीरता के लिए उन्हें ‘सेना मैडल फॉर गैलेंट्री’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाने वाली वह पहली महिला अधिकारी है।

मेजर प्रिया झिंगन

मेजर प्रिया झिंगन

मेजर प्रिया झिंगन

 

वर्ष 1992 के सितंबर महीने की इक्कीसवीं तारीख को भारतीय सेना में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। प्रिया झिंगन भारतीय सेना की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकडेमी (OTA) ज्वाइन करने वाली पहली महिला कैडेट बनी। 1992 में प्रिया झिंगन ने तत्कालीन सेना प्रमुख को एक चिट्ठी लिख कर महिलाओं को सेना में शामिल करने का निवेदन किया। एक साल बाद उनका सपना साकार हुआ और प्रिया के साथ अन्य 24 महिला अफसरों ने एक नए सफ़र की शुरूआत की।

कैप्टन प्रिया सेमवाल

कैप्टन प्रिया सेमवाल

कैप्टन प्रिया सेमवाल

प्रिया सेमवाल भारतीय सेना में बतौर अधिकारी निक्युक्ति पाने वाली ऐसे महिला अधिकारी है जिनके पति सेना में जवान थे। 2010 में प्रिया के पति नायक अमित शर्मा एक सैन्य आपरेशन के दौरान अरुणाचल प्रदेश के तवांग में शहीद हो गए। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रिया ने हिम्मत नहीं हारी और अपने पति की याद में और उनके देशप्रेम के लिए सेना का रास्ता चुना।

 

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