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दुश्मन के होश उड़ाने के लिए बन रही है घातक मिसाइल, थलसेना-वायुसेना करेंगी इसका इस्तेमाल

प्रनाश मिसाइल

नई दिल्ली। थलसेना और वायुसेना की ताकत को बढ़ाने जा रही है ‘प्रनाश’ मिसाइल। उन्नत श्रेणी की इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) विकसित कर रहा है। खास बात यह है कि इस मिसाइल से 200 किमी दूर तक निशाना साधा जा सकेगा।





रक्षा अधिकारियों के मुताबिक DRDO विकसित यह मिसाइल पारंपरिक वार हेड से लैस होगी। यह ‘प्रनाश’ मिसाइल 150 किमी तक मारक क्षमता वाली ‘प्रहार’ मिसाइल की उन्नत संस्करण है। सतह से सतह तक मार करने में सक्षम प्रनाश ही एकल चरण ठोस ईंधन की बैलिस्टिक मिसाइल है। आर्मी और एयरफोर्स द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रनाश मिसाइल का प्रयोग किसी भी सामरिक और रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने के लिए किया जा सकेगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि एक-दो साल के भीतर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा। नई मिसाइल से भारत की सामरिक क्षमता को मजबूती मिलेगी और वह अपने मित्र राष्ट्रों को इसका निर्यात भी कर सकेगा।

गौरतलब है कि भारत ने अपनी सामरिक क्षमता में विस्तार करते हुए विगत 20 जनवरी को शक्तिशाली K- 4  बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। आंध्र प्रदेश के समुद्री तट से दागी गई इस मिसाइल की रेंज 3,500 किमी है।

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