Air Force

तेजस के मार्क-1-ए के उत्पादन में अभी लगेंगे कई साल

तेजस के मार्क-1-ए

नई दिल्ली।  लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस की मार्क 1-ए किस्म के 83 विमानों का आर्डर  हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. को देने की मंजूरी रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने दी है लेकिन अभी एलसीए की एफओसी किस्म को ही मंजूरी नहीं मिली है इसलिये मार्क-1-ए के उत्पादन में कई साल औऱ लग सकते हैं ।





रक्षा मंत्रालय ने एलसीए की मार्क-1-ए को मंजूरी की जानकारी देते हुए यह नहीं बताया है कि इसकी लागत क्या होगी लेकिन इसमें लगने वाले विशेष एवियानिक्स, रेडार आदि का खुलासा किया है।  हिंदुस्तान एऱोनाटिक्स ने इसकी लागत के लिये अपना प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंप दिया है।

एलसीए-1-ए में सबसे अत्याधुनिक रेडार आएसा (एक्टिव इलेक्ट्रानिकली स्कैन्ड ऐरे रेडार) लगा होगा, आंखों की नजर से ओझल क्षमता वाली मिसाइल (बीवीआर) लगी होगी,  दुश्मन की मिसाइलों और राकेटों से बचाव के लिये आत्मरक्षा करने वाले जैमर (सेल्फ प्रोटेक्श्न जैमर) लगे होंगे और आसमान में ही उड़ान के दौरान विमान में ईंधन भरने की क्षमता वाली सुविधा एयर टू एयर रिफ्युलिंग पाड लगा होगा ।

रक्षा राज्य मंत्री डा. सुभाष भामरे ने राज्य सभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि एलसीए तेजस के फिलहाल 40 विमानों के उत्पादन का काम इन दिनों चल रहा है। इसमें से 20 आईओसी (इनीशियल आपरेशनल क्लियरेंस) और 20 एफओसी (फाइनल आपरेशनल क्लियरेंस) के विमान हैं। आईओसी के तहत 20 विमानों का आर्डर 31 मार्च, 2006 को दिया गया था। इसमें से 9 विमानों को हिंदुस्तान एऱोनाटिक्स लि. ने वायुसेना को सौंप दिया है। HAL से कहा गया था कि 2011 तक इन विमानों को सौंप दे। लेकिन सात साल बाद केवल नौ विमान ही सौंपने से वायुसेना की समाघात तैयारी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आईओसी के तहत कुल 20 विमानों का ठेका पहले 2701 करोड़ रुपये में दिया गया था जो बाद में लागत बढ़ने के कारण 2801 करोड़ रुपये कर दिया गया लेकिन हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. अब इसके लिये 5362.17 करोड़ रुपये की मांग कर रही है। आईओसी किस्म में कुछ फेरबदल किये गए हैं जिस वजह से इसकी लागत बढ़ाई गई है। एलसीए की आईओसी किस्म में अतिरिक्त लाइन रिप्लेसेबल य़ूनिट (एलआरयू),  कम्पोजिट मटीरियल औऱ अन्य रा मटीरियल लगेंगे।

दूसरी ओर एफओसी यानी फाइनल आपरेशनल किल्यरेंस के तहत 20 विमानों का ठेका 5989.36 करोड़ रुपये का दिया गया है। एफओसी वर्ग में फिलहाल उत्पादन शुरु नहीं हुआ है। एलसीए तेजस को फाइनल आपरेशनल क्लियरेंस इस साल दिसम्बर तक मिलने की उम्मीद है। 20 एफओसी विमानों का ठेका 23 दिसम्बर, 2010 को ही दिया गया था और HAL से कहा गया था कि इसे 2016 तक सौंप दे।

रक्षा सूत्रों का कहना है कि चूंकि एलसीए की एफओसी किस्म को ही अभी मंजूरी नहीं मिली है इसलिये एलसीए की मार्क-1-ए किस्म के विमानों का उत्पादन शुरू करने में अभी कई साल लगेंगे।

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