DEFENCE

स्पेशल रिपोर्टः चीन और भारत के सैन्य कमांडों के बीच हॉटलाइन पर काम होगा

Defence-Ministers

नई दिल्ली। भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच यहां हुई अहम बातचीत में दोनों देशों के बीच परस्पर भरोसा बढ़ाने वाले कई कदमों पर चर्चा हुई जिसमें सबसे अहम चीन के थियेटर कमांडों और भारत के सैन्य कमांड के मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन लगाने को हरी झंडी दी गई। दोनों देशों के सैन्य मुख्यालयों में सैन्य संचालन महानिदेशक( डीजीएमओ) के बीच भी हाटलाइन लगाने के बारे में बातचीत हुई।





चीन के रक्षा मंत्री और स्टेट काउंसिलर जनरल Wei Fenghe 21 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचे थे। 23 अगस्त को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच औपचारिक बातचीत के पहले चीनी रक्षा मंत्री का साउथ ब्लाक में सलामी गारद दे कर स्वागत किया गया। चीनी और भारतीय रक्षा मंत्रियों के बीच अकेले में हुई बातचीत एक घंटे तक चली जो आधे घंटे तक निर्धारित थी। बाद में दोनों देशों के सैन्य शिष्टमंडलों के बीच विस्तार से आपसी मसलों पर चर्चा हुई।

यहां विश्वस्त रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस बातचीत के दौरान सैन्य मुख्यालयों में हॉटलाइन लगाने के पुराने प्रस्ताव को लागू करने के मसले पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के थियटर कमांडों और सैन्य कमांडों के बीच भी हॉटलाइन को जल्द लगाने पर सहमति हुई । इस पर काम जल्द शुरू होगा।

इस बातचीत में भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत चाहता है कि सीमांत इलाकों का विकास हो। लेकिन चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमांत इलाकों की सीमा तय नहीं है इसलिये यह ठीक नहीं रहेगा।  निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत के सीमांत इलाके पिछडे हुए हैं जहां के लोगों के लिये सड़क सम्पर्क जैसे कई विकास कार्य करने की जरूरत है लेकिन चीनी रक्षा मंत्री ने इस पर हामी नहीं भरी।

चीनी रक्षा मंत्री ने पाक अधिकृत कश्मीर से होकर बनाए जा रहे चीन पाक आर्थिक गलियारा(सीपीईसी) की चर्चा की। लेकिन जब भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि यह गलियारा भारत की सम्प्रभुता का उल्लंघन करता है तो चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि इस गलियारे का क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर सकारात्मक असर पड़ेगा। बातचीत के दौरान पिछले साल डोकलाम में 73 दिनों तक चली सैन्य तनातनी का मसला भी उठा। इस बारे में दोनों रक्षा मंत्रियों ने माना कि दोनों देशों ने जिस तरह धैर्य और संयम से काम लिया वह एक मिसाल है और विवाद के अन्य मामलों में भी दोनों पक्षों को इसी तरह का संयम दिखाना चाहिये।

इस साल बेंगलूरू में होने वाली रक्षा वैमानिकी प्रदर्शनी एरो इंडिया में चीन की भागीदारी का निमंत्रण निर्मला सीतारमण ने दिया जिसे चीनी रक्षा मंत्री ने स्वीकार कर लिया।

पिछले साल डोकलाम में हुई सैन्य तनातनी के बाद भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच यह दूसरी मुलाकात है। यहां रक्षा सूत्रों के मुताबिक 23 अगस्त को दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। चीनी रक्षा मंत्री ने गत अप्रैल में चीन के वूहान शहर में राष्ट्रपित शी चिन फिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्ते अब सकारात्मक दिशा में आगे बढेंगे।

Comments

Most Popular

To Top