Forces

स्पेशल रिपोर्ट: लद्दाख में वायुसेना की तैयारी की समीक्षा

जनरल एमएम नरवणे
फाइल फोटो

नई दिल्ली। थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवाणे द्वारा छह औऱ सात अगस्त को थलसेना के पूर्वी और मद्य कमाड के इलाकों का दौरा करने और वहां के आला सैन्य कमांडरों के साथ सैन्य तैयारी का जायजा लेने के  साथ वायुसेना के वाइस चीफ ने भी पश्चिमी कमांड की सैन्य तैयारी का जायजा लिया है।





 इस इरादे से वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा ने  पश्चिमी वायुसैनिक कमांड के तहत लद्दाख के वायुसैनिक अड्डों का दौरा किया और वहां के आला वायुसैनिक अधिकारियों के साथ चीन की चुनौती का जवाब देने के लिये भारतीय वायुसेना की समाघात तैयारी का जायजा लिया। गौरतलब है कि चीन से लगे आसमानी इलाकों पर भारतीय वायुसेना लगातार चौकसी रख रही है। चीन की सेना को संदेश देने के लिये इस इलाके में भारतीय सुखोई-30 एमकेआई , मिराज-2000 और मिग-29 लडाकू विमान भी लगातार उडानें भर रहें हैं। इस इलाके में चीनी सेना के किसी अचानक आक्रमण का जवाब देने  के लिये भारतीय वायुसेना की हवाई रक्षा प्रणाली को चौकस अवस्था में तैनात रखा गया है।

वायुसेना थलसेना के साथ तालमेल से चीन के किसी आक्रमण का  जवाब देने के लिये संयुक्त रणनीति   व्यवहार में लाएगी। थलसेना और वायुसेना ने मिल कर संयुक्त आक्रमण और रक्षात्मक रणनीति तैयार की है।

थलसेना के प्रमुख और वायुसेना के वाइस चीफ का सीमांत इलाकों का दौरा चीन के लिये यह संदेश  है कि भारतीय सेनाएं चीन की किसी भी चुनोती का  माकूल जवाब देने के लिये हमेशा तैयार है। जानकार सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेनाओं ने लद्दाख के इलाके में तीन सौ किलोमीटर दूर तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें भी तैनात की हैं। यह मिसाइल पर्वतीय  बाधाओं को पार करते हुए दुश्मन के सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर सकती हैं।

Comments

Most Popular

To Top