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Special Report: सैन्य अफसरों और जवानों की भारी कमी से जूझ रही है भारतीय सेनाएं

भारतीय सेनाएं

नई दिल्ली। भारतीय सेनाओं में अफसरों की भारी कमी चल रही है। सेनाओं में आवंटित संख्या से कहीं कम अफसर काम कर रहे हैं। रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नायक ने संसद में एक सवाल के जवाब में यह स्वीकार किया है।  सैन्य पर्यवेक्षकों का कहना है कि अफसरों  और सैनिकों की भारी कमी  से सेनाओं की समाघात क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सरकार को इनकी भरपाई के लिये जरुरी कदम उठाना होगा।





रक्षा मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक  एक जनवरी, 2019 तक थलसेना में  7,399 अफसरों की कमी  चल रही थी। थलसेना में अफसरों की आवंटित संख्या 50,312 है। इसी तरह वायुसेना में भी  483 अफसरों की कमी थी जबकि आवंटित अफसरों की संख्या  12,625 है। नौसेना में  1,545 अफसरों की कमी थी जब कि आवंटित अफसरों की संख्या  11,557 है।

इसी  तरह अफसरों से नीचे रैंक के सैनिकों की भी भारी कमी चल रही है। थलसेना में एक जनवरी, 2019 तक आवंटित सैनिकों की संख्या 12,23,381 थी जिसमें  38,235 सैनिकों के पद भरे नहीं गए हैं।  इसी तरह नौसेना में भी 16,806 नौसैनिकों की कमी थी जब कि आवंटित  क्षमता 74,046 थी। वायुसेना में भी  13,823 वायुसैनिकों की कमी थी जब कि आवंटित क्षमता  1,42,917 की थी।

 प्रादेशिक सेना के बारे में जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि  इसमें छह बटालियनों की 65 यूनिटे सक्रिय है  जिनकी कुल संख्या 43,085 की है।

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