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Special Report: वन रैंक वन पेंशन के सरकार के दावे का खंडन

रिटायर्ड सतबीर सिंह
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्व सैनिकों के संगठन इंडियन एक्ससर्विसमेन मूवमेंट (IESM)ने रिटायर हो चुके सैनिकों को ‘वन रैंक वन पेंशन’ के तहत लाभ पहुंचाने के सरकार द्वारा गत छह नवम्बर को किये गए दावे का खंडन किया है। मूवमेंट के चेयरमैन मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने एक बयान में कहा है कि सरकार ने यह गलत दावा किया है कि पिछले छह सालों में सरकार ने रिटायर सैनिकों को बढ़ी हुई पेंशन के तहत 42 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है।





सतबीर सिंह ने कहा कि वास्तव में सरकार ने केवल 32 हजार करोड़ रुपये ही बढ़ी हुई पेंशन के तहत जारी किये हैं। वन रैंक वन पेंशन को लंगडी- ओआऱओपी की संज्ञा देते हुए सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों को ताजा रिटायर कर रहे सैनिकों से डेढ साल पीछे रखा जाता है। उन्होंने कहाकि जब भी आठवां वेतन आयोग घोषित होगा पुराने पेंशनरों को रिटायर कर रहे सैनिकों से डेढ वेतन वृद्धि पीछे रखा जाएगा। उन्होंने कहाकि सरकार ने सात नवम्बर, 2015 को जो पत्र जारी किया था उसे भी सरकार नहीं लागू कर रही है। सतबीर सिंह ने कहा कि सरकरा ने पुराने पेंशनरों को केवल वन टाइम बढोतरी दी है। मूवमेंट ने सरकार के दावे का कडा खंडन किया है और दस जून, 2016 को याचिका दायर की थी जिसकी अंतिम सुनवाई आगामी 18 नवम्बर को होनी है।

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