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Special Report: गया के ओटीए में 17वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन

अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, गया
फाइल फोटो

नई दिल्ली। अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, गया के  ‘ड्रिल स्क्वायर’ पासिंग की  17वीं पासिंग आउट परेड में स्पेशल कमीशन ऑफिसर (एस.सी.ओ) -44  के 17  जेंटलमैन कैडेटों  को भारतीय सेना में ऑफिसर के तौर पर  कमीशन  मिला |





टेक्नीकल इंट्री स्कीम (टी.ई.एस)- 35  के 81  कैडेट अपने प्रशिक्षण विंग से पास आउट हुए| टेक्नीकल इंट्री स्कीम- 41  के 69  जेंटलमैन कैडेट, अपना एक वर्षीय बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर देश के विभिन्न सैन्य तकनीकी संस्थानों जैसे मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकनिकल इंजीनियरिंग, सिकंदाराबाद, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलिकम्यूनिकेशन्स इंजीनियरिंग, मऊ एवं कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग, पुणे से इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री के अध्ययन के लिए गए। जेंटलमैंन कैडेटो ने अपने सुरुचिपूर्ण और समवेत ड्रिल से उपस्थित सैन्य एवं असैन्य गणमान्य दर्शको को रोमांचित किया |

लेफ्टिनेंट जनरल सुनील श्रीवास्तव इस मौके पर आयोजित दीक्षांत परेड के निरीक्षण अधिकारी थे| सैन्य वैभव से सुसज्जित घुड़सवारो की टुकड़ी के निरीक्षण में निरीक्षण अधिकारी की आगवानी मेजर जनरल बी.डी राय, मुख्य प्रशिक्षक, अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, गया ने किया |

 

परेड की शुरुआत कैडेट्स ने निरीक्षण अधिकारी को ‘जनरल सैल्यूट’ देकर किया, तत्पश्चात निरीक्षण अधिकारी ने परेड का निरीक्षण किया और जेंटलमेन कैडेट्स की परेड ने शानदार मार्च पास्ट करते हुए निरीक्षण अधिकारी को सलामी दी| सैनिक परंपरा का अनुसरण करते हुए तीन माइक्रोलाइट जहाजो ने ‘पासिंग आउट कोर्स’ के ऊपर फ्लाई-पास्ट किया| निरीक्षण अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट को पुरस्कृत किया| ‘पास आउट’ होने वाले ‘स्पेशल कमीशन ऑफिसर कोर्स’ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु, अकादमी कैडेट एडजुटेंट बिपुल सिन्हा को पदक प्रदान किया गया| गुरेज़ कंपनी को वसंत सत्र- 2020  के प्रशिक्षण काल में सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण प्रतिष्ठित ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ’ बैनर प्रदान किया गया|

परेड को संबोधित करते हुए जनरल श्रीवास्तव ने सेना के भावी अधिकारियों को अपने निःस्वार्थ और गौरवमयी सेवा से देश और अकादमी को गौरवान्वित करने के लिए कहा। कोविड -19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद, भारतीय सेना ने  हमेशा की तरह, इन चुनौतियों को स्वीकारा और सामाजिक दूरी बनाते हुए, अधिकारी कैडेटों के सैन्य प्रशिक्षण में आए व्यवधान को सफलतापूर्वक पूरा किया| जनरल श्रीवास्तव ने कमीशन होने वाले अधिकारियों से सैन्य लोकाचार एवं सैन्य गुण अपनाने पर बल दिया |

जनरल श्रीवास्तव ने अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि वे अभिभावक सौभाग्यशाली होते हैं जिनकी संतान को देश की सेवा में सबसे प्रतिष्ठित सेना में अफसर बनकर देश की रक्षा करने का अवसर मिलता है | साथ ही नए कमीशन प्राप्त अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि यूनिटों के लिए प्रस्थान करते समय अपने प्रियजनों एवं स्वयं की सुरक्षा जरुर सुनिश्चित करें|

ओटीए गया की स्थापना 18 जुलाई 2011  में आदर्श वाक्य शौर्य, ज्ञान, संकल्प के साथ हुई। वर्त्तमान में यह अकादमी टेक्नीकल इंट्री स्कीम (टी.ई.एस) और स्पेशल कमीशन ऑफिसर (एस.सी.ओ) का प्रशिक्षण देती है | इसमें टी.ई.एस के प्रशिक्षु 10+2 की शिक्षा के बाद अकादमी में प्रवेश पाते हैं और प्रशिक्षण प्राप्त कर सशस्त्र सेना का हिस्सा बनते हैं| टेक्नीकल इंट्री स्कीम में प्रवेश पाने वाले कैडेट एक साल का बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर इंजीनियरी प्रशिक्षण के लिए देश स्थित विभिन्न सैन्य इंजीनियरी  संस्थान जाते हैं और तीन वर्षों का तकनीकी प्रशिक्षण पूरा कर वे कमीशन पाते हैं।

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