Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: चीनी सीमा के निकट तैनात होगा राफेल

राफेल-विमान

नई दिल्ली। चीन की सीमा से लगे भूटान के नजदीक पश्चिम बंगाल के हाशीमारा वायुसैनिक अड्डे पर भारतीय वायुसेना अपने नवीनतम राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि हाशीमारा पर वायुसेना ने रूसी सुखोई- 30एमकेआई लड़ाकू विमानों को पहले से ही तैनात किया है।





यहां जानकारों ने कहा कि सुखोई- 30 एमकेआई के साथ राफेल को भी हाशीमारा में ही  तैनात करने के पीछे भारतीय वायुसैनिकों की अहम रणनीति है कि वहां से वह तिब्बत में तैनात चीनी वायुसेना के रूसी मूल के सुखोई-35 लड़ाकू विमानों का मुकाबला कर सके।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के लिये फ्रांस की  दासो  कम्पनी से भारत ने 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया है। ये विमान 2019 से भारतीय वायुसेना को मिलने लगेंगे। जानकारों ने कहा कि एक ही वायुसैनिक अड्डे पर अपने दो अग्रणी लड़ाकू विमानों को तैनात करने की रणनीति के पीछे इरादा है कि चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा के इलाके को पूरी तरह चीनी हवाई अतिक्रमण से अभेद्य बनाया जाए। हाशीमारा से उड़ान भर कर दोनों लड़ाकू विमान चीन के इलाके में काफी भीतर घुस सकते हैं और चीन के अहम ठिकानों पर वार कर सकते हैं।

गौरतलब  है कि चीन की वायुसेना ने हाल मे  ही यह खुलासा किया है कि उसके सुखोई- 35 लड़ाकू विमानों ने चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दक्षिणी कमांड  में तैनात किये गए हैं। यह कमांड तिब्बत की हवाई रक्षा करेगी।

हाशीमारा वायुसैनिक अड्डा पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में है और यह  सिलीगुड़ी से 128 किलोमीटर दूर है। इसके उत्तर में चीन है। हाशीमारा में इसके पहले मिग- 27 लड़ाकू विमान तैनात होते थे जो अब रिटायर कर दिये गए हैं। हाशीमारा में 8,500 से 9,000 फीट लम्बी हवाई पट्टी बनाई जा रही है जो छह महीने के भीतर  पूरी होगी। यहां  बने हैंगरों में सुखोई- 30 और राफेल विमानों को रखा जाएगा।

 गौरतलब है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने अपने दक्षिणी थियेटर कमांड में सुखोई- 35 लड़ाकू जेट तैनात करने की तस्वीरें जारी की है। इस अड्डे  से चीनी पायलटों के लिये उड़ान ट्रेनिंग होती है।

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